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न्याय व्यवस्था में सुधार क्या ‘फेडरल पेनल कोड’ की तर्ज पर सरल होगी भारत की कानून व्यवस्था ?

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांगों के लिए बिल्कुल निःशुल्क काम करने वाले तोशियास सचिव ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था की विसंगतियों पर प्रहार करते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि जमीनी स्तर पर FIR लिखने की जिम्मेदारी अक्सर एक हवलदार की होती है, जो सामान्यतः दसवीं या बारहवीं पास होता है। जब कानून इतने जटिल और बिखरे हुए हों (जैसे-दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 ,धर्मांतरण, घुसपैठ, और साइबर अपराध के लिए अलग-अलग अधिनियम), तो एक अल्प-शिक्षित पुलिसकर्मी के लिए यह समझना मुश्किल हो जाता है कि किस अपराध में कौन सी धारा लगानी है।​”जब पुलिसकर्मी कानूनों के मकरजाल में फंसता है, तो वह सही धाराएं नहीं लगा पाता, जिसका सीधा लाभ अपराधियों को मिलता है। हमें एक ऐसी व्यवस्था चाहिए जहाँ एक ही किताब में सब कुछ स्पष्ट हो।” अमेरिकी मॉडल ‘फेडरल पेनल कोड’ से सीख तुलनात्मक अध्ययन के अनुसार, अमेरिका में कानूनों का कोई मकरजाल नहीं है। वहां एक ‘फेडरल पेनल कोड’ (Federal Penal Code) चलता है। इसमें लगभग 150 चैप्टर हैं, जिनमें बैंकिंग धोखाधड़ी, साइबर अपराध, रेलवे दुर्घटना और हवाई अड्डे से संबंधित अपराध—सब कुछ एक ही पुस्तक में समाहित है इस व्यवस्था के कई लाभ हैं ​सरलता पुलिस, वकील और जज सबको केवल एक ही किताब देखनी पड़ती है। ​स्पष्टता बार-बार पढ़ने से थानेदार से लेकर हवलदार तक को चैप्टर और धाराएं रट जाती हैं।समय की बचत अलग-अलग कानूनों की फाइलें और किताबें खोजने की जरूरत नहीं पड़ती जब तक देश में ‘एक राष्ट्र, एक दंड संहिता’ लागू नहीं होगी, तब तक न्याय की प्रक्रिया धीमी और भ्रमित रहेगी। एक ही व्यापक कानून होने से न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि आम आदमी के लिए भी न्याय पाना सरल और सुलभ हो जाएगा। मैं पुलिस कांस्टेबल हूं। धूप हो या बारिश, दिन हो या रात मैं हर वक्त ड्यूटी पर खड़ा रहता हूं। आपकी सुरक्षा ही मेरी पहली और आखिरी जिम्मेदारी है। मैं हेड कांस्टेबल हूं। मैदान में टीम को संभालना, अनुशासन बनाए रखना और हर हाल में व्यवस्था कायम रखना मेरा फर्ज है। मैं ASI हूं। जमीनी स्तर पर जांच करना, लोगों की समस्याएं सुनना और सही कार्रवाई करना मेरी रोज की जिम्मेदारी है। मैं सब इंस्पेक्टर हूं। कानून को सख्ती से लागू करना, गश्त करना और हर case की तह तक पहुंचना मेरी ड्यूटी है। मैं इंस्पेक्टर हूं। पूरे थाने की command, हर मामले की निगरानी और force को सही दिशा देना मेरे हाथ में होता है। मैं DSP हूं। क्षेत्र की कानून व्यवस्था बनाए रखना और बड़ी जांचों का नेतृत्व करना मेरे कंधों की जिम्मेदारी है। मैं additional SP हूं। जिले में बड़े operation, विशेष अभियान और field की रणनीति तय करना मेरा काम है। मैं SP हूं। पूरे जिले की कानून व्यवस्था, पुलिस बल का संचालन और जनता का भरोसा बनाए रखना मेरी प्राथमिकता है। मैं DIG हूं। कई जिलों की पुलिस व्यवस्था को दिशा देना और अनुशासन बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है। मैं IG हूं। range के सभी जिलों की command संभालते हुए सुरक्षा और रणनीति का नेतृत्व करता हूं। मैं ADG हूं। राज्य स्तर पर बड़े फैसले लेना और विशेष इकाइयों को संभालना मेरी जिम्मेदारी है।

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