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दिव्यांग सर्कुलर का मजाक उड़ा रहे हैं प्राइवेट सेक्टर का दुकान

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांग अधिनियम 2016 में दिव्यांगों के कृत्रिम अंग ट्राई साइकिल वैशाखी या किसी प्रकार का सहायक यंत्र पर सरकारी मूल्य निर्धारित है प्राइवेट सेक्टर के लिए लेकिन प्राइवेट सेक्टर से बेचने वाले दुकानदार सरकारी मूल्य पर दिव्यांगों को यह उपकरण प्रदान नहीं करते बल्कि 10 गुना मूल्य लेते हैं और उसका कोई ब्यौरा सरकार को नहीं देता इसलिए तोशियास सचिव सौरभ कुमार ने भारत के प्रत्येक दिव्यांग के लिए इस अनियमितता के बारे में भारत सरकार के सामाजिक कल्याण एवं अधिकारिता मंत्रालय को प्रमुखता से बताया था वहां से यह पता चला कि  सभी प्रकार के उपकरण के लिए मूल्य निर्धारित किया गया है फिर भी दुकानदार जो प्राइवेट सेक्टर के दुकानदार है वह 10 गुना मुनाफा कमाते हैं उन्हें गाइडलाइंस दिया जा रहा है कि ऐसा ना करें फिर भी ऐसा करते हैं तो अगर कोई दिव्यांग इसकी शिकायत करेगा तो उनके दुकान की मान्यता रद्द कर दी जाएगी और उसके साथ दिव्यांग अधिनियम 2016 के तहत 3 साल की सजा और  600000 का जुर्माना लगाया जाएगा इसलिए मैं भारत के प्रत्येक दिव्यांग से यह अनुरोध करता हूं की प्राइवेट सेक्टर में दिव्यांग उपकरण के लिए 10 गुना मुनाफा नहीं दे और कोई मांगता है तो उससे सरकारी रेट लिस्ट मांगे नहीं देने पर वह संबंधित कार्यालय में शिकायत करें उन पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और प्रत्येक दिव्यांग जागरूक हो एवं अपने अधिकार को जाने ।

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