अब दिव्यांग छात्र भारत में रह कर पाएंगे ऑस्ट्रेलिया से पीजी

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : भारत सरकार का ऑस्ट्रेलिया से अनुबंध के बाद दिव्यांग छात्र के लिए सुनहरा मौका दिव्यांग आईआईटी दिल्ली पहली बार छात्रों को भारत में रहकर दुनिया की टॉप 50 रैंकिंग में शामिल यूनिवर्सिटी में संयुक्त पीएचडी डिग्री हासिल करने का मौका दे रहा है। शैक्षणिक सत्र 2020 -21 से आईआईटी दिल्ली और आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीन्सलैंड संयुक्त पीएचडी शुरू कर रहे हैं।

विभिन्न विषयो में की जा सकती है पीएचडी 
सोशल साइंसेज, गणित, साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग व मानविकी क्षेत्रों में छात्रों को पढ़ाई का मौका मिलेगा। उम्मीदवार 22 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यूक्यू-आईआईटी अकेडमी ऑफ रिसर्च की ओर से जुलाई 2020 सत्र से  संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम शुरू होगा। इसमें छात्र को एक साल भारत तो दूसरे साल आस्ट्रेलिया में पढ़ाई व शोधकार्य का मौका मिलेगा। इस प्रोग्राम में भारत के छात्र आस्ट्रेलिया और आस्ट्रेलिया के छात्रों को भारत में आकर पढ़ाई और शोधकार्य करने होंगे।

80 फीसदी तक फंडिंग इंडस्ट्री करेगी
आस्ट्रेलिया से भारत आने वाले छात्रों का खर्चा आईआईटी दिल्ली और भारत से आस्ट्रेलिया जाने वाले छात्रों का खर्चा आस्ट्रेलिया देगा। छात्र इस प्रोग्राम के लिए स्कॉलरशिप भी प्राप्त कर सकते हैं। इसमें छात्र को दोनों संस्थानों के शिक्षकों की निगरानी में पीएचडी की पढ़ाई का मौका मिलेगा। इसमें भारतीय छात्रों को सामान्य पीएचडी प्रोग्राम जितनी ही फीस देनी होगी। कोई अतिरिक्त खर्चा नहीं लगेगा।

स्वच्छ पानी, पर्यावरण, स्वास्थ्य समेत अन्य कई क्षेत्रों  में किया जाएगा शोध
संयुक्त पीएचडी प्रोग्राम में दोनों देशों के छात्रों को भारत और आस्ट्रेलिया की दिक्कतों पर शोधकार्य करना होगा। इसमें स्वच्छ पानी, पर्यावरण, स्वास्थ्य समेत अन्य कई क्षेत्र शामिल हैं। पीएचडी प्रोग्राम की पढ़ाई पूरी होने पर संयुक्त पीएचडी डिग्री में आईआईटी दिल्ली और यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीन्सलैंड लिखा होगा।

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