कोरोना महामारी काल में दिव्यांगों को प्राप्त हो सकता है मनोरंजन का साधन

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांग लोगों के पास एक सांस्कृतिक जीवन हो तथा वे मनोरंजक गतिविधियों में भाग लें इसके लिए क्या उपाय किये जाएंगे धारा 29 के अनुसार संबंधित सरकार व स्थानीय प्राधिकरणों को चाहिए कि वे दिव्यांग कलाकारों और लेखकों को प्रायोजकता प्रदान करें,दिव्यांगता ता इतिहास संग्रहालय की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य,  मनोविनोद स्थापना करें जिसमें इतिहास व इससे जुड़े अनुभवों का विवरण हो, मनोरंजन केंद्रों व अन्य परस्पर जुड़ाव संबंधी क्रियाकलापों को बढ़ावा दें, सांस्कृतिक तथा कला के पाठयक्रमों में इनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इन्हें पुनः डिजाइन करें तथा स्काउटिंग में, नृत्य में, कला कक्षाओं में, आउटडोर कैंपों तथा साहसिक गतिविधियों में इनको भागीदारी की सुविधा प्रदान करे तथा मनोरंजक गतिविधियों में दिव्यांगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सहायक उपकरणों तथा यंत्रों का निर्माण करें जिससे वे इन गतिविधियों में शामिल हों पायें तथा ये सुनिश्चित करें कि श्रवणशक्ति में कमी वाले लोग इन कार्यक्रमों तक संकेत भाषा निर्वचन के माध्यम से इन तक पहुंच पायें कोरोन महामारी काल में इस सर्कुलर के अनुसार मनोरंजन प्राप्त हो सकता है यह दिव्यांगों का संवैधानिक अधिकार और मौलिक अधिकार है।

 

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