सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार पटना:आज बिहार दिवस है, लेकिन क्या आप जानते हैं इस दिन का क्या मतलब है। क्यों ये मनाया जाता है। अगर नहीं तो चलिए इन सारे सवालों के जवाब हम आपको दे देते हैं। -बिहार दिवस को 22 मार्च के दिन मनाने का प्रमुख कारण है कि इसी दिन बिहार राज्य की स्थापना हुई थी। असल में अंग्रेजों ने सन 1912 में इसी दिन बिहार को बंगाल प्रसीडेंसी से अलग कर नए राज्य के रूप में मान्यता दी थी। इसके बाद से ही बिहार दिवस को पारंपरिक रूप से मनाया जाने लगा। -खास बात ये है कि बिहार दिवस सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि विदेशों अमेरिका, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, आस्ट्रेलिया, कनाडा, बहरीन, कतर, यूएई, स ऊदी अरब और कैरेबियाई देशों में भी मनाया जाता है। विदेशों में बसे बिहार के लोग इस दिन को पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं, कई देशों में तो इस दिन खास कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें स्थानीय प्रतिनिधि भी शिरकत करते हैं। -हालांकि बिहार दिवस को असली पहचान मिली वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद। उन्होंने इसे प्रमुखता से मनाना शुरू किया और इस दिन सावर्जनिक अवकाश की घोषणा की। -स्कॉटलैंड में तो बकायदा पटना नाम से एक छोटा सा शहर ही बस गया है, जहां ज्यादातर बिहार के प्रवासी लोग निवास करते हैं। यहां हर साल पूरे धूमधाम से बिहार दिवस मनाया जाता है। -असल में इसके पीछे भी एक कहानी है, स्कॉटलैंड के पटना शहर की स्थापना की थी यहां के एक किसान विलियम फुलर्टन ने, उनका जन्म बिहार के पटना में हुआ था। उनके पिता तब ईस्ट इंडिया कंपनी में -सर्जन के तौर पर नौकरी करते थे और लंबे समय तक भारत में रहे थे। -विलियम का बचपन पटना में ही बीता, लेकिन 19वीं शताब्दी के शुरू में वो वापिस स्कॉटलैंड चले गए, जहां उनकी यादें पटना से जुड़ी रहीं। इसलिए उन्होंने 1802 में स्कॉटलैंड में एक पटना शहर की स्थापना की।
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