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Fani Cyclone : जानिए कैसे पड़ा ‘फैनी’ नाम और कैसे किया जाता है तूफानों का नामकरण

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार:केंद्र सरकार ने चक्रवात ‘फैनी’ से भयंकर तूफान आने की आशंका के मद्देनजर एनडीआरएफ और भारतीय तटरक्षक बलों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। साथ ही मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। तूफान के खतरे को देखते हुए केरल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है।

बांग्लादेश ने दिया नाम ‘फैनी’

इस खतरनाक तूफान के बारे में एक दिलचस्प बात ये है कि इसका नाम ‘फैनी’ बांग्लादेश के सुझाव पर रखा गया है। वैसे आम तौर पर तूफानों का कोई नाम नहीं होता है। तूफानों का नाम देने की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। आइए जानते हैं तूफानों का नाम किस आधार पर रखा जाता है…

इस तरह दिया जाता है नाम

किसी भी तूफान का नाम देने के लिए वर्णमाला के हिसाब से एक लिस्ट बनी हुई होती है। हालांकि तूफान के लिए Q, U, X, Y, Z अक्षरों से शुरू होने वाले नामों का प्रयोग नहीं किया जाता है। अटलांटिक और पूर्वी उत्तर प्रशांत क्षेत्र में आने वाले तूफानों का नाम देने के लिए 6 लिस्ट बनी हुई है और उसी में से एक नाम को चुना जाता है। अटलांटिक क्षेत्र में आने वाले तूफानों के लिए 21 नाम मौजूद हैं।

भारत में तूफानों का नाम देने की क्या है प्रक्रिया?

भारत में तूफानों का नाम देने की शुरुआत 2004 में हुई थी। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड, म्यांमार, ओमान और मालदीव ने नामों की एक लिस्ट बनाकर विश्व मौसम विज्ञान संगठन को सौंप दी। जब इन देशों में कहीं पर तूफान आता है तो उन्हीं नामों में से बारी-बारी से एक नाम को चुना जाता है। चूंकि इस बार नाम देने की बारी बांग्लादेश की थी, इसलिए बांग्लादेश के सुझाव पर इस तूफान का नाम फैनी रखा गया।

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