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रेलवे पटरी पर कुछ अंतर पर सीमेंट के चौरास क्यों बनाए जाते हैं ?

 

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : रेलवे ट्रैक के किनारे कुछ-कुछ दूरी पर सीमेन्ट और मिट्टी के जो (6 फुट × 6 फुट) के समतल चबूतरे टाइप स्थान बनाए जाते हैं उन पर पुश ट्राली रखी जाती है। पुश ट्राली रेलपथ निरीक्षक (SSE-P-way) और सिगनल निरीक्षक (SSE-signal) द्वारा अपनी ड्यूटी के दौरान प्रयोग में लायी जाती है। यह पुश ट्राली रेलवे ट्रैक पर ही चलती है और ट्रेन दिखने पर इन्ही समतल स्थानों पर उठा कर रख ली जाती

इस चित्र में एक छोटे ब्रिज पर ट्राली रिफ्यूज बनाया गया है। बाँयी ओर देखिए एक कटघरा सा दिखेगा।जो चौरस स्थान दिखाया गया है उसे ही ‘ट्राली हट’ या ‘ट्राली रिफ्यूज’ कहते हैं। यह सिंगिल लाइन सैक्शन में ट्रैक के एक किनारे और डबल लाइन सैक्शन में ट्रैक के दोनों किनारे होते हैं। यह ट्राली रिफ्यूज लम्बे रेलवे ब्रिज पर भी बनाए जाते हैं और रेलवे टनल में भी। ट्राली के इंचार्ज के पास ट्राली चलाने का परमिट होता है। उसके लिए रूल- रैगयूलेशन्स की एक परीक्षा पास करनी होती है। डीजल आपरेटिड मोटर ट्राली भी होती है, जिसे DRM, GM, CRS जैसे बड़े इंसपेक्शन में चलाया जाता है इन स्थानों को ‘ट्राली रिफ्यूज’ कहते हैं।

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