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भारतीय रेल में यात्री ट्रेन की लंबाई 24 कोचों तक सीमित क्यों है?

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : ट्रेन की लंबाई कभी भी लूप लाइन की लंबाई से अधिक नहीं होनी चाहिए क्योंकि इसे लूप लाइन में फिट होना है क्योंकि जब दूसरी ट्रेन मेनलाइन तक पहुंचना चाहती है, तो इस ट्रेन को लूप लाइन में फिट होना ही चाहिए और दुर्घटनाओं से बचने के लिए दूसरे को रास्ता देना चाहिए। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि, यह प्लेटफॉर्म से लंबा नहीं होना चाहिए क्योंकि ट्रेन के सभी कोचों को प्लेटफॉर्म तक आसानी से पहुंचना चाहिए। जिससे कि यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए प्लेटफार्म के नीचे ना उतरना पड़े और खासकर बुजुर्गों  एवं दिव्यांग कोई असुविधा ना हो।

भारतीय रेलवे में, लूप लाइन की मानक लंबाई लगभग 650 मीटर होती हैं। इस लूप लाइन में फिट होने के लिए ट्रेन की लंबाई 650 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। एक औसत कोच की लंबाई लगभग 22.28 मीटर ICF कोच के लिये और 24.70 मीटर LHB कोच के लिए होती है। इंजन लगभग 20.56 मीटर का मानकर चले। इसलिए 650 मीटर में 24 कोच और एक इंजन को आराम से समायोजित किया जा सकता है। इसलिए यात्री ट्रेनों में अधिकतम 24 कोच हो सकते हैं। यह रूट और ट्रेन के प्रकार के आधार पर 12 से 24 कोचों में भिन्न होता है। अंत मे इंजन की क्षमता पर भी काफी कुछ निर्भर होता है।

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