Breaking News

27 दिनों से ढाबा एंड कबाब के द्वारा जारी है भोजन वितरण

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :  पटना में निरंतर 27 दिनों से गरीब लोगों को भूखे पेट ना सोने देने का निश्चय लेकर ढाबा एंड कबाब कंकड़बाग के सदस्य जिनके नाम इस प्रकार है-उत्तम घोष , सतीश कुमार पप्पू, चुनमुन सिंह, शंभू घोष ,अनीष सिंह, मनीष बाबू कर रहे हैं और कबीर दास की इस  स्लोगन को सत्यापित कर रहे हैं

साईं इतना दीजिए जामे कुटुम समाय मैं भी भूखा ना रहूं ओरण न भूखा जाए और यह प्रयास भी वह स्वयं से कर रहे हैं और इस प्रयास में इस काम में  किसी भी पार्टी से  कोई सहयोग  नहीं ले रहे ऐ सदस्य वह स्वयं से यह निश्चय लिए है कि जब तक लॉक डाउन की स्थिति देश में कायम रहेगी तब तक वह अपने कार्य को प्रगति मान रखेंगे और इसी निश्चय के साथ

27 दिनों से दिन और रात मैं 350 पैकेट कंकड़बाग थाना , पत्रकार नगर थाना, मीठापुर, कंकड़बाग स्लम एरिया स्थानों पर झुग्गी झोपड़ियों में लोगों को खाना पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं इन्हें देख कर तो यही लगता है जैसे वह महामारी को हराने के लिए और गरीबों को इस गरीबी से उबरने के लिए ही निरंतर यह कार्य को कर रहे हैं सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस महामारी काल में भी लोग फोटो खिंचवाने के लिए सेवा कर रहे हैं राजनीतिक पद पाने के लिए सेवा कर रहे हैं लेकिन ढाबा एंड कबाब की यह सदस्य इंसान से इंसान का हो भाईचारा यही मानव धर्म हमारा स्लोगन को सत्यार्थ कर दिए ऐसा कहने के पीछे हमारा उद्देश्य है कि

जिस प्रकार से  आज नियम और संविधान में निष्ठा रखते हुए जिस प्रकार से या निरंतर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मानवता का सेवा कर रहे हैं उसमें शब्द कम पड़ जाएंगे लेकिन इनका सेवा कम नहीं पड़ेगा और आज भी धरती पर मानवता का सेवा जीवित है इसे सत्यापित कर रहे हैं यह लोग। आज प्रत्येक व्यक्ति को अपना चित्र नहीं इस महामारी के दौर में चरित्र बदलने की आवश्यकता है।

Check Also

दिव्यांग आरक्षण के नियम क्या हैं ? What are the rules for disability reservation?

🔊 Listen to this सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांगों के लिए बिल्कुल निःशुल्क काम …