सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांगता युक्त बच्चों को उनके माता-पिता से अलग किया जा सकता है धारा 9 में कहा गया है कि दिव्यांगता युक्त कोई भी बच्चों को अपने माता-पिता से के आधार पर अलग नही किया जायेगा सिवाय इसके कि बच्चों के सर्वोत्तम हित के कारण यदि आवश्यक हो तो सक्षम न्यायालय के आदेश के द्वारा दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 ऐसा किया जा सकता है। उन मामलों में जहां माता-पिता दिव्यांगता के आधार पर बच्चे की देख-भाल करने में असमर्थ हैं वहां पर सक्षम अधिकारी ऐसे बच्चों को उनके नजदीकी रिश्तेदारों के पास रखेंगें जिसके संभव न होने पर समुदाय के किसी परिवार में अथवा अपवाद स्वरूप मामलों में उपयुक्त सरकार अथवा गैर-सरकारी संगठनों द्वारा चलाये जाने वाले आश्रयगृहों के संरक्षण में रख देंगें दिव्यांग अधिनियम में इसका विशेष उल्लेख प्राप्त होता है भारत के सभी दिव्यांग अपने संवैधानिक अधिकार की जानकारी प्रमुखता से रखेें ताकि जरूरत पड़ने पर अपने अधिकार के लिए लड़ सकें ।
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