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इन श्रेणियों के दिव्यांगों को मिलेगा ₹500000 जानिए कैसे

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : बिहार राज्य में थैलेसीमिया पीड़ित राज्य के पांच बच्चों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री सहायता राशि से इन बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट हो सकेगा। सीएम सचिवालय से इन बच्चों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि निर्गत हो गई है।पांच लाख रुपये हर पीड़ित को देगी राज्य सरकार 21 अप्रैल 2023 यह पारित हुआ जो भी दिव्यांग इस बीमारी से ग्रसित है वह संपर्क कर सकते है यह प्रत्येक दिव्यांग का संविधानिक अधिकार है बोन मेरो ट्रांसप्लांटेश (बीएमटी) या स्टेम सेल ट्रांसप्लांट एक प्रक्रिया है जिसमें रोग ग्रस्त या क्षतिग्रस्त बोन मेरो के स्थान पर एक स्वस्थ रक्त उत्पादक बोन मेरो को प्रतिस्थापित किया जाता है। इसकी आवश्यकता तब पड़ती है जब आपकी बोन मेरो ठीक तरह से काम करना बंद कर दे और पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ रक्त कोशिकाओ का उत्पादन ना करे। बोन मेरो ट्रांसप्लांट दो तरह से होता है एक तो जिसे बोन मेरो ट्रांसप्लांट किया जाना है उसी के अपने शरीर से रक्त कणिकाएं लेकर उनका प्रत्यारोपण और दूसरा किसी दूसरे के शरीर से रक्त कणिकाएं लेकर उनका प्रत्यारोपण। पहले प्रकार को आटोलोगस ट्रांसप्लांट और दूसरे प्रकार को एलोजेनिक ट्रांसप्लांट कहते हैं।

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