सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांगों के लिए बिल्कुल निःशुल्क काम करने वाले तोशियास सचिव ने बताया कि अगर आप मेरा व्यक्तिगत विचार जानना चाहते हैं तो बड़े कड़े शब्दों में आरक्षण की जरूरत इस देश में किसी को नहीं है। ठीक है, जरूरत संरक्षण की है। देखिए, संरक्षण और आरक्षण में बहुत अंतर होता है। एक छोटा बच्चा है, वह दौड़ नहीं सकता। हम पहले उसे चलना भी सिखाएंगे, उसे दौड़ना भी सिखाएंगे। यह संरक्षण हुआ। आरक्षण यह हुआ कि हम उसे कह दें कि तुम्हें कभी चलने की जरूरत ही नहीं है। तुम्हें हां, तुमको गोदी में हमेशा रखे रहेंगे। और यह कहावत बहुत famous है कि माता पिता अगर बच्चों का हाथ बचपन में ना पकड़े तो accident हो सकता है और अगर बड़े होने के बाद भी पकड़े रह जाएं तो बच्चे पप्पू बन सकते हैं। तो यह चीज देश को भी समझने की जरूरत है कि आज आरक्षण की जरूरत किसी को नहीं है। जब हम कहते हैं कि ब्राह्मण गरीब है या दलित गरीब है, गरीब हर कोई है। हर section का व्यक्ति इस देश में गरीब है। मैं खुद एक ऐसे समाज से आता हूं कई बार आप doctor के पास गए होंगे eye checkup के लिए तो doctor ने कहा होगा कि चश्मे की power तो नहीं बढ़ी है लेकिन lens फिर भी बदलना पड़ेगा क्योंकि cylindrical value आ गई है। वो बोलते हैं कि lens का power वही है। अगर power मान लो कि minus one है तो power minus one ही है लेकिन फिर भी lens बदलनी है क्योंकि अब lens spherical नहीं लगेगा cylindrical लगेगा तो ये इसलिए क्योंकि astigmatism का मामला है। अवबिंदुक्ता कहते हैं इसको क्या कहते हैं अवबिंदुक्ता अक्सर ऐसा होता है कि घर में किसी बुजुर्ग व्यक्ति को या किसी को चश्मा लगा और bifocal lens जब लगा तो चश्मा जब नहीं लगा था तब तो ठीक-ठाक था। तब तो वो गिरे पड़े कहीं नहीं। लेकिन देखोगे कि चश्मा लगने के बाद एक-आध बार वो गिर गया। है कि नहीं? एकदम से और वो भी गिरे तो बुरी तरीके से गिर गया। उसके पीछे reason यह है कि एक तो नया-नया चश्मा है। अभी आंख adjust नहीं हुई है। चश्मे के साथ अभी तारतम्यता बनी नहीं है। दूसरी बात कई बार ऐसा होता है कि आप जब देख रहे हो, जैसे मैंने कहा कि दूर देखना है तो concave से देखेंगे। तो दूर देखना है concave से ऊपर वाले भाग से। नजदीक देख रहे हैं तो हम convex से। नजदीक कितना? 25 सेंटीमीटर। चश्मे के बाद भी तो 25 सेंटीमीटर हुई है ना फिर। लेकिन ऐसे में अगर व्यक्ति मान लो कि सीढ़ी चढ़ रहा हो तो सीढ़ी चढ़ते समय तो नीचे देखेगा। लेकिन सीढ़ी चढ़ते समय नीचे देखेगा तो किस से देखेगा? Convex से और सीढ़ी है दूर। वो निकट वस्तु तो है नहीं। तो नीचे जब सीढ़ी चढ़ रहे हैं, आप steps ले रहे हैं, उस समय आप नीचे देख रहे हैं और नीचे देखने के क्रम में आप दूर की वस्तु को किस से देख रहे हैं? Convex से। तो जहां सीढ़ी दिख रहा है वहां नहीं है। ऐसे व्यक्ति बहुत आराम से पैर रख के गिर जाते हैं, लुढ़क जाते हैं कई बार लोगों को देखा होगा कि दो चश्मे रखते हैं ये ज़्यादा बढ़िया। शशि थरूर साहब को देखिए। ज़्यादातर लोग एक चश्मा गले में होता है लटका हुआ उसको reading glass कहते हैं और एक चश्मा वो पहनते हैं जो चलते समय पहन के चल रहे हैं। क्योंकि ज़्यादातर मामले में तो दूर ही देखना है और पढ़ने लिखने वाले व्यक्ति हैं तो नजदीक भी देखना है। इसीलिए ज़्यादातर लोग जो पढ़ाई लिखाई से संबंधित हैं, जिनका ज़्यादा संबंध है वो दोनों वाले रखते हैं। एक concave एक convex। concave इसलिए कि दूर देखें और गले में लटका हुआ जो है वो reading glass वो convex है। जब पढ़ना हुआ तो उसको लगा लिया anyway।
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