ट्रैफिक व्यवस्था ध्वनि प्रदूषण एवं एक्सीडेंटल केस के लिए दिव्यांगों का आविष्कार नहीं बल्कि वरदान है इस वीडियो को जरुर देखिए

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांग बनेंगे अब वैज्ञानिक दिव्यांग बनेंगे वैज्ञानिक और करेंगे नई ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आजकल अक्सर हम देखते है की लोग बाईक चलाते वक्त कभी कभी बिना मतलब का हॉर्न बजाते रहते है जो की कर्णप्रिय नही लगता और ध्वनी प्रदूषण को बढावा भी देता है।इसी समस्या को देखते हुए एक ऐसा किट तैयार किया गया है जिसे बाईक में लगाने के बाद हॉर्न अपने आप बजेगा जब बाईक के सामने कोई रुकावट आयगा स्वतः हॉर्न बजेगा,इस वजह से बिना कारण हॉर्न कोई नही बजा पायगा ।इसमे यह ध्यान रखा गया है की टर्निंंग पर जैसे indicator ऑन होगा तो हॉर्न बजेगा और फिर ऑफ़ हो जायगा।इस प्रकार ध्वनी प्रदूषण को नियंत्रण करने में अपनी भागीदारी दे सकते है। तकनीक इस किट में एक ultrasonic सेंसर इस्तेमाल किया गया है जो सामने आने वाले रुकावट को पता कर माइक्रोकण्ट्रोलर को सिगनल भेजता है और हॉर्न बजने लगता है। तोशियास संस्था का अनोखा प्रयास । भारत में सबसे अधिक एक्सीडेंटल केस होता है इस प्रयाास से उस एक्सीडेंटल केस पर भी पूरी तरह से लगाम लग जाएगी । अपने सकारात्मक सोच से पूरे भारत को शीर्ष स्थान तक पहुंचाना है।

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