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सपरिवार महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ गोविंद जी से मिलकर अशोक चौधरी जी ने दी नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक गणराज्य के राष्ट्राध्यक्ष महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी से सपरिवार मिलकर उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बहुत ही कम अवधि में हमें मुलाकात का यह सुअवसर प्रदान करने के लिए उनका दिल से आभार! शॉल और बुके देकर उन्हें नवीन वर्ष 2020 की बधाई एवं उनके स्वस्थ और लंबी आयु की कामना किया।

महामहिम राष्ट्रपति जी का बिहार के प्रति विशेष नेह है। वह राष्ट्रपति निर्वाचित होने से पहले बिहार के राज्यपाल थे। वह एक जुड़ाव तो है ही, वैसे भी बिहार की तरक्की-प्रगति के लिए उन्होंने उन दिनों भरसक प्रयत्न किया था। आज भी बिहार की अवस्था, वहां चल रही गतिविधियों पर उनकी नजर रहती है। मैंने उन्हें बिहार की विकास योजनाओं, विभिन्न कार्यक्रमों, शासन की उपलब्धियों, राज्य की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक अवस्था से उन्हें अवगत कराया।

हालांकि, पूरी मुलाकात का मौज़ू विषय माननीय मुख्यमंत्री Nitish Kumar जी की महत्वाकांक्षी जल, जीवन और हरियाली योजना ही रही। सम्पूर्ण भारतवर्ष में बिहार ही एक ऐसा राज्य है जिसने पर्यावरण को इतनी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गौरतलब है कि जब सम्पूर्ण देश में सरकारें अपने चुनावी फायदे से संबंधित सवालों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, वहां बिहार के दूरद्रष्टा भविष्यदर्शी मुख्यमंत्री आने वाली पीढ़ियों के जीवन के लिए जल, जीवन और हरियाली परियोजना को लागू करने में जुटे हैं। जबकि यह वोटों की राजनीति के लिहाज से नीरस विषय है। वह भी चुनावी वर्ष में नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार सरकार ही ऐसा साहस दिखा सकती है, इसके लिए हमें अपने नेतृत्व पर गर्व है। उन्होंने वोटों की लालसा से जुड़ी घृणित राजनीति से दूर बिहार के सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश कर रहे हैं। इसके साथ-साथ इसे जनांदोलन का रूप देने, जनजागरूकता पैदा करने हेतु जल, जीवन, हरियाली यात्रा पर पूरे बिहार का भ्रमण कर रहे हैं। सूचना है कि ठंड के महीनों में भी बिहार का भूमिगत जलस्तर 15 फीट तक गिरा है। ऐसे में बिहार सरकार जल स्तर को संतुलित करने के लिए 3000 से अधिक एक एकड़ से बड़ा तालाब का निर्माण करा रही है। 6000 सोखते बनाए जा रहे हैं। छोटी नदियों पर 2000 चेक डैम बनाना है। 1600 आहर-पइन की मरम्मत किया जाना है। ऐसे जलश्रोत जो अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं, उन्हें भी मुक्त कराना है। ऐसा पूरे देश में कहीं कोई सरकार ने यह नहीं किया, वह बिहार कर रहा है। सबसे बड़ी मानव श्रृंखला इस मुद्दे पर बनाने में हर बिहारी जुटने को तैयार हैं। महामहिम राष्ट्रपति जी ने बिहार और मुख्यमंत्री जी के इस प्रयत्न की सराहना करते हुए कहा कि इस परियोजना की कामयाबी बिहार ही नहीं, सम्पूर्ण राष्ट्र को दिशा दिखाएगा। सबके अस्तित्व की रक्षा के लिए इसकी सफलता जरूरी है। राष्ट्रपति महोदय को हृदय से एक बार फिर आभार!

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