सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट आखिरकार 14 जनवरी को विंडोज 7 से सपोर्ट हटा रही है। 9 साल पुराने इस ऑपरेटिंग सिस्टम को अब से कोई सपोर्ट नहीं मिलेगा, इसमें सिक्योरिटी अपडेट भी शामिल हैं, जिससे यूजर्स साइबर सिक्योरिटी रिस्क के दायरे में आ जाएंगे। इसके चलते माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज 7 यूजर्स से कहा है कि वे अपग्रेड होकर विंडोज 10 पर आ जाएं।
कंप्यूटर बिजनेस को मिलेगा तगड़ा बूस्ट
ब्रिटेन आधारित डाटा और एनालिटिक्स फर्म ग्लोबल डाटा की रिपोर्ट के मुताबिक, विंडोज 7 पर सपोर्ट बंद होने से एशिया में पर्सनल कंप्यूटर के बिजनेस को तगड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। ऐसा इसलिए क्योंकि एशिया में अभी भी 35 फीसदी इंटरप्राइज विंडोज 7 पर चलते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जो बिजनेस अब भी विंडोज 7 पर चल रहे हैं, उन्हें अपने कंप्यूटर के लिए या तो वॉल्यूम लाइसेंसिंग के जरिए अपना लाइसेंस विंडोज 10 प्रो या विंडोज 10 इंटरप्राइज पर अपग्रेड करना होगा या फिर नया कंप्यूटर ही खरीदना होगा।
एशिया में 39.4 अरब डॉलर का है नए कंप्यूटर का बाजार
रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में नए कंप्यूटर का बाजार 2019 में 39.4 अरब डॉलर का था और इसमें भारत की हिस्सेदारी 20 फीसदी रही। ग्लोबल डाटा का कहना है कि एशिया में विंडाेज 10 का मौजूदा मार्केट शेयर 60 फीसदी है। नेटमार्केटशेयर के मुताबिक, दिसंबर 2019 में वैश्विक तौर पर विंडोज 10 का मार्केट शेयर 47.65 फीसदी था, जबकि विंडोज 7 का मार्केट शेयर 32.74 फीसदी था।
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