क्रिकेट मैच में राष्ट्रीयगान के दौरान बच्चों को क्यों लाया जाता है

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : यह प्रथा अनाथ, वंचित बच्चों, NGO के बच्चों, असाधारण बच्चों के लिए शुरू की गई जिससे उनके NGO में चैरिटी के रूप में कुछ धन अर्जित हो जिनसे उनकी मदद हो सके. दूसरी बात यह भी है की वो कई चीजों से वंचित रह जाते है ऐसे में यह बहुत ही अच्छी प्रथा है. बच्चे भी खुश होते है इतने भव्य समारोह में शामिल होकर.

दूसरा कारण: आपको पता होगा बच्चे मन के सच्चे होते हैं और उनके दिल में किसी प्रकार की ईर्ष्या नहीं होती. वो किसी बात को अपने दिल से लगा कर नहीं बैठते. एकबार को कत्तीश होते फिर मिटिष. ऐसे में उन बच्चों का खिलाडियों के साथ आने का मतलब यही रहता है की खिलाडी भी खेल भावना बनाये रखे अगर खेल के दौरान खटपट हो तो उसे दिल से न लगाए और बच्चों की तरह भूल जाये और दोस्ती बनाये रखे. ईमानदारी से खेले.

मुझे तो यही कारण पता है. एक बात और जब मैच के पहले भारतीय राष्ट्रगान होता है तो सच में गर्व से रोंगटे खड़े हो जाते है, आपने भी सुना होगा तो शायद ऐसा महसूस किया हो

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