सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : बिहार की ग्रेजुएट छात्राओं को सरकार अब सीधे उनके अकाउंट में पैसे भेजेगी। मुख्यमंत्री स्नातक बालिका प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार के तरफ से मिलने वाले 25-25 हजार रुपये अब यूनिवर्सिटी के जरिए मिलने के बजाये छात्राओं को सीधे अकाउंट में मिलेंगे। सरकार ने पैसा मिलने में देरी होने की शिकायतों पर ये बड़ा कदम उठाया है।इस योजना के तहत मिले एक लाख आवेदनों में से सरकारी कॉलेजों से ग्रेजुएट 15944 छात्राओं के सर्टिफिकेट की जांच पूरी हो चुकी है। एक दो दिनों में ही 39 करोड़ 75 लाख रुपए सीधे इन छात्राओं के खाते में भेजे जाएंगे। अप्रैल, 2018 के बाद किसी भी विषय से ग्रेजुएट करने वाली छात्राओं को यह राशि देने की सरकार ने घोषणा की थी। योजना शुरू होने से लेकर अबतक 42 हजार छात्राओं के बैंक खाते में 25-25 हजार की दर से 105 करोड़ 45 लाख रुपए भेजे जा चुके हैं। साल 2019-20 में इस योजना के लिए शिक्षा विभाग ने 200 करोड़ रुपए दिए है। पिछले वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ रुपये सरकार ने दिए थे।बता दें कि सरकार से मान्यता और संबद्धता प्राप्त कॉलेजों से ग्रेजुएट छात्राओं को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। कई यूनिवर्सिटी से शिक्षा विभाग को वैसे कॉलेजों से ग्रेजुएट को योजना का लाभ देने की अनुशंसा मिली थी, जिसे संबंधित विषय की संबद्धता नहीं थी। ऐसे में शिक्षा विभाग ने खुद जांच के बाद छात्राओं को राशि भेजना तय किया था।
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