दिव्यांगों को दिव्यांग अधिनियम के तहत सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुविधा

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय को स्थानांतरित कर सकता है और सर्वोच्च न्यायालय को स्थानांतरित करने के अधिकार स्वयं अनुच्छेद 32 द्वारा गारंटीकृत हैं। दिव्यांग व्यक्ति अपने  किसी दिव्यांग अधिनियम 2016 में लिखित संविधान का अगर कहीं उल्लंघन हो रहा हैैै और उसका पालन नहीं हो रहा है और दिव्यांग व्यक्तियों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है तो दिव्यांग व्यक्ति इस अनुच्छेद का उपयोग करके अपनेे अधिकार के लिए सर्वोच्च न्यायालय में न्याय पा सकतेे हैं 21वीं  सदी का नारा है नॉलेज इज द पावर और अपनेेे समाज को आत्मनिर्भर बनाना है।

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