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कोरोना महामारी की थर्मल स्कैनर से जांच हाथों की कलाइयों में करें

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : कोरोना महामारी के दौर में जन जागरूकता दुष्प्रभावों से बचाव के लिए मस्तिष्क के जगह पर हाथ की कलाई का करें उपयोग वहां पर लगा कर देखें थर्मल स्कैनर बेहतर आएंगे परिणाम कोरोना महामारी के दौर में जन जागरूकता दुष्प्रभावों से बचाव के लिए मस्तिष्क के जगह पर हाथ की कलाई का करें उपयोग वहां पर लगा कर देखें थर्मल स्कैनर बेहतर आएंगे परिणाम|मानव मस्तिष्क में सबसे अहम हिस्सा उसका फोरहेड दिमाग का भाग होता है जिसमें पिट्यूटरी ग्लैंड और संबंधित शरीर के वह तमाम ग्लैंड होते हैं जो उस को नियंत्रित करते हैं जैसे याददाश्त केंद्र सेंसरी ऑर्गन तंत्र और विभिन्न प्रकार के तंत्रिकाओं का गुच्छा जमावड़ा जो पूरे शरीर को कंट्रोल करता है ऐसे में जब कोरोना महामारी का टेस्ट थर्मामीटर गन जिसे कोरोना टाइम फ्रेजरगंज के नाम से जानते हैं उसका इस्तेमाल मस्तिष्क के ठीक बीचोबीच रखकर टेंपरेचर मापने के लिए किया जाता है जबकि आप हम यह नहीं जानते हैं कि इससे इंफ्रारेड रेडिएशन निकलता है जो मस्तिष्क के इन अंगों को इन आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचाता है इससे बचते हुए यदि आपको जांच करनी हो तो हाथ की कलाई में भी इस टेंपरेचर गन को लगाने पर यह वही टेंपरेचर बताता है जो मस्तिष्क के ऊपर बल्कि उससे भी अच्छा ऐसे में आप हम समझ सकते हैं कि मस्तिष्क का वह भाग कितना महत्वपूर्ण होता है हम सब को यह मिलकर जन जागरण जन जागरूकता फैल आनी है कि इस प्रकार की दुष्प्रभावों से अपने आप को भी बचाएं और समाज को भी इन सब से थोड़ा ऊपर हटे को व्यापक रूप से दिव्यांग जनों के लिए यह समस्या भयानक व अभिशाप जनक होगा जहां दिव्यांग जनों की इम्युनिटी पावर सबसे कमजोर होती है ऐसे में इस टेंपरेचर जानते जब बार-बार टेंपरेचर लिया जाएगा मस्तिष्क पर रखकर तब आप समझ सकते हैं कि वह अपने आप को इसके दुष्प्रभाव से कैसे बचाएंगे ऐसे में समाज में जागरूकता पहले और करो ना जैसी महामारी से हम सब मिलकर लड़ पाए इसके लिए दिए गए सुझावों पर ध्यान दें और टेंपरेचर गन को मस्तिष्क पर ना लगाते हुए हाथों पर कलाइयों पर लगवाएं ऊपर जांच करना सही तरीका तब मानव को किसी प्रकार की क्षति नहीं होगी ।

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