सिविल कोर्ट के शक्ति के समान है दिव्यांगजन विशेष न्यायालय की ताकत

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : धारा 84 के अनुसार तीव्र विचारण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सहमति से, अधिसूचना के द्वारा, प्रत्येक जिले के लिए एक सेशन न्यायालय को विशेष न्यायालय इस अधिनियम के अधीन अपराधों के लिए नियुक्त करेगा।धारा 82 कहती है कि इस अधिनियम के अंतर्गत अपने कर्तव्यों का निष्पादन करते हुए विशेष न्यायालय के पास निम्न मामलों के संबंध में वही शक्तियां निहित होंगी जो किसी मुकदमें की सुनवाई के लिए सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अधीन सिविल कोर्ट की जो शक्तियां न्यायालय में निहित होती हैं वही होंगी (क) गवाहों की उपस्थिति के लिए सम्महन जारी करना व उसे लागू करनाय (ख) किसी दस्ताउवेज की प्रस्तुति व खोज की मांग सुनिश्चित करनाय (ग) किसी न्यायालय अथवा कार्यालय से किसी पब्लिक रिकार्ड अथवा उसकी प्रति मांगनाय (घ) हलफनामें के आधार पर साक्ष्य प्राप्तप करनाय (ङ) गवाहों और दस्तारवेजों के परीक्षण के लिए आदेश जारी करनाय

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