सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : देश के 7 राज्यों के 90,609 से अधिक मूक-बधिर बच्चे कोरोना महामारी की वजह से पिछले सोलह महीनों से पढ़ाई से पूरी तरह वंचित हो गए हैं। कारण- इन के स्कूल और छात्रावास बंद हैं। देशभर में सामान्य बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास तो चल रही है, लेकिन मूक-बधिर बच्चों के लिए ऐसा कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। न तो इन बच्चों के पास मोबाइल है, न ही ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ट्रेंड शिक्षक। यहां तक कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ई-विद्या पोर्टल भी इनकी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहा है। कई राज्यों में इन छात्रों के लिए हॉस्टल भी मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले फंड के अभाव में बंद हो गए हैं। देशभर में 2.68 करोड़ दिव्यांग हैं, जिनमें से 45% यानी 1.21 करोड़ निरक्षर हैं। 7 राज्यों में पड़ताल की।राजस्थान में मूक बधिरों के लिए संचालित स्कूलों में 1100, छत्तीसगढ़ में 4625, बिहार में 2500, झारखंड में 2200, यूपी में 70000, हिमाचल में 284 और मप्र में करीब 5500 बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह ठप है और इनके लिए संचालित हॉस्टल भी बंद कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते अगर सरकार ने अगर इनकी शिक्षा को लेकर कदम नहीं उठाए तो इनमें निरक्षरता की दर 75% तक बढ़ सकती है।16 महीनों में शिक्षा से दूर हो गए मासूम 7 राज्यों के 90 हजार से ज्यादा मूक-बधिर बच्चों की पढ़ाई ठप,मोबाइल सुविधा भी नहीं
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