सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : एयरलाइंस किसी भी दिव्यांगजन को फ्लाइट में चढ़ने से रोक नहीं सकती हैं अगर डॉक्टर ने उस यात्री को उड़ान के लिए फिट घोषित किया हो. डीजीसी ने इस मामले से जुड़े नियमों में संशोधन को हरी झंडी दे दी है. इसके अनुसार कोई भी एयरलाइन इस आधार पर कि कोई यात्री दिव्यांग है उसे फ्लाइट में चढ़ने से मना नहीं कर सकती है. इसके साथ ही डीजीसीए न दिव्यांगजन के फ्लाइट में चढ़ने और उतरने की बेहतर सुविधा के लिए भी निर्देश दिए हैं. हाल ही में एक ऐसे ही मामले में डीजीसीए ने इंडिगो पर जुर्माना लगाया था क्योंकि एयरलाइंस ने एक दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में चढ़ने से मना कर दिया था.क्या है नियमों में खास हालांकि डीजीसीए ने ये भी साफ कहा है कि अगर एयरलाइंस को लगता है कि ऐसे किसी शख्स की तबियत यात्रा के दौरान बिगड़ सकती है तो वो उस यात्री की मेडिकल कंडीशन की जांच करा सकती है. डॉक्टर इस बारे मे जांच कर सलाह देगा कि वो यात्री उड़ान भरने के लिए फिट है या नहीं है. अगर डॉक्टर ये सलाह देता है कि यात्री फिट है तो एयरलाइंस उसे उड़ान से रोक नहीं सकती, वहीं अगर डॉक्टरी सलाह को अनुसार यात्री फिट नही है तो एयरलाइंस उड़ान में चढ़ने या न चढ़ने पर फैसला ले सकती है. हालांकि एयरलाइन को यात्री को बिना किसी देरी लिखित में ये कारण देना होगा.क्यों सख्त हुई डीजीसीए हाल ही में इंडिगो ने एक फ्लाइट में एक दिव्यांग बच्चे को ले जाने से इनकार कर दिया था. ये घटना 7 मई को रांची हैदराबाद रूट पर हुई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर ये मामला काफी उछला भी था. डीजीसीए ने इस मामले की जांच की थी. जांच में इंडिगो ने बयान दिया था कि बच्चा उड़ान के लिए फिट नहीं था, लेकिन डीजीसीए ने माना कि इस मामले को बेहतर तरीकों के साथ निपटाया जाना चाहिए था लेकिन ग्राउंड स्टाफ ऐसा नहीं कर सका और मामला काफी बढ़ गया. इस मामले की वजह से डीजीसीएन ने इंडिगो पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.
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