इंडियन प्रीमियर लीग स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा के बेटे लखन राजा को पटना में मिजोरम के खिलाफ होने वाले रणजी ट्राफी मैच के लिए बिहार की टीम में जगह मिली है. क्रिकेट में भ्रष्ट गतिविधियों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले वर्मा को हमेशा से लगता था कि उनके बेटे को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बराबरी का मौका नहीं मिला. लखन बायें हाथ के सलामी बल्लेबाज हैं.
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वर्मा ने पीटीआई को बताया, ‘‘मेरे बेटे को अंतत: बिहार की रणजी टीम में जगह मिल गई है. मुझे यकीन है कि उसे मिजोरम के खिलाफ मैच में अंतिम एकादश में जगह मिलेगी. उम्मीद करता हूं कि वह रन बनाएगा और टीम में अपनी जगह पक्की करेगा.’’ अनधिकृति बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव वर्मा ने 2013 में स्पाट फिक्सिंग मामले में बीसीसीआई के खिलाफ याचिका दायर की थी और तत्कालीन अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को अदालत में घसीटा था.
लखन हालांकि अब श्रीनिवासन की ही कंपनी इंडिया सीमेंट्स के लिए काम करता है. वर्मा श्रीनिवासन के धुर विरोधी रहे लेकिन नयी दिल्ली में बीसीसीआई की आम सभा की बैठक के दौरान उन्होंने सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली. वर्मा ने कहा, ‘‘श्रीनिवासन के कारण मेरा बेटा क्रिकेट खेलना जारी रख पाया. अब मैंने महसूस किया है कि वह असली प्रशासक हैं जिसकी भारतीय क्रिकेट को जरूरत है.’’ यह पूछने जाने पर कि क्या उन्हें श्रीनिवासन की अगुआई वाले बीसीसीआई के खिलाफ स्पाट फिक्सिंग याचिका दायर करने का मलाल है तो वर्मा ने रक्षात्मक रवैया अपनाते हुए कहा, ‘‘यहां कुछ भी सही या गलत नहीं है. यह सब समय पर निर्भर करता है।’’
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