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भारतीय चुनाव आयोग के इस पहल से मिलेगा भारत के दिव्यांगों को समाज में विशेष सम्मान।

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को सभी राजनीतिक दलों को सार्वजनिक चर्चा में दिव्यांगों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया। आयोग ने कहा कि नेताओं और उम्मीदवारों को अपने भाषण में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिन्हें दिव्यांग लोगों के लिए अपमान के रूप में समझा जा सकता है। सभी राजनीतिक दलों को जारी परामर्श में आयोग ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद चुनाव प्रक्रिया में सभी समुदायों/वर्गों के प्रतिनिधित्व में निहित है। इसमें कहा गया कि विशेष रूप से दिव्यांगजनों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना ईसीआई के लिए अहम प्राथमिकता रही है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग ने परामर्श में सभी सियासी दलों से अपने भाषणों, लेख में गूंगा, मंदबुद्धि, पागल, सिरफिरा, अंधा, काना, बहरा, लंगड़ा, लूला, अपाहिज जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा। भाषण में ऐसे शब्दों के इस्तेमाल की व्याख्या दिव्यांगों के अपमान के रूप में की जा सकती है।

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