सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : इनकम टैक्स बचाने में डॉक्टर को दी गई फीस और दवाओं के लिए किया गया खर्च भी मददगार है। इसलिए, डॉक्टर को दिखाने के बाद उसके फीस की रसीद और दवा खरीदने के बाद कैश मेमो लेना न भूलें। बिना रसीद के आप इनकम टैक्स में छूट का दावा नहीं कर पाएंगे। इनकम टैक्स में मेडिकल खर्च के जरिए मिलने वाली इस छूट का लाभ आप हेल्थ इंश्योरेंस के तहत दिए जाने वाले प्रीमियम पर कटौती के साथ उठा सकते हैं। क्लेम न करने पर टैक्स काट कर मिलते हैं पैसे अगर आप नौकरीपेशा हैं और मेडिकल खर्च का क्लेम नहीं करते हैं तो एंप्लॉयर की तरफ से आपको मेडिकल के पैसे तो मिलेंगे लेकिन टैक्स काट कर। इसका क्लेम आप बिना डॉक्टर के मेडिकल सर्टिफिकेट और मेडिकल बिल के बिना नहीं कर सकते। आमतौर पर कर्मचारी द्वारा मेडिकल खर्चा क्लेम करने के बाद एंप्लॉयर से मिलने वाले पैसे टैक्स फ्री होते हैं।
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