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दिव्यांगता का अर्थ क्या है एवं कारण एवं रोकथाम।

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :एम्स पटना के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने पटना चैप्टर पेरिनेटोलॉजी एंड रीप्रोडक्टिव बायोलाजी (पीएआरबी) साइंटिफिक सोसाइटी के सहयोग से फेटोमीट-2024 का आयोजन किया. विभिन्न स्क्रीनिंग परीक्षणों व सोनोग्राफी से गर्भ में ही बच्चे में जन्मजात दोषों, चयापचय विकारों और गुणसूत्र विसंगतियों का निदान कर जन्मजात मानसिक शारीरिक दिव्यांगता रोकना प्राथमिक उद्देश्य था. मुख्य अतिथि एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक सह सीईओ प्रो प्रसव पूर्व देखभाल की दी जानकारी डा.जीके पाल ने कहा कि एम्स पटना प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में सुरक्षित मातृत्व व स्वस्थ भ्रूण सुनिश्चित करने के साथ निसंतान दंपतियों को संतान प्राप्ति की खुशी दिलाने के लिए सभी महत्वपूर्ण जरूरतें पूरी करेगा. डा. एमिली भट्टाचार्य ने आनुवंशिक असामान्यताओं का पता लगाने में प्रसव पूर्व निदान के महत्व तो प्रोफेसर डा. दीपिका डेका ने अंतर्गर्भाशयी आधान में नवीनतम प्रगति पर प्रकाश डाला. कोलकाता की डा. देवास्मिता मंडल ने भ्रूण इकोकार्डियोग्राफी व न्यूरोस्क्रीनिंग प्रोटोकाल एवं डा. पूजा ने प्रसव पूर्व देखभाल में पहली तिमाही की जांच व इसकी चुनौतियों पर प्रकाश डाला. चंडीगढ़ की डा. साक्षी ने अल्ट्रासाउंड साफ्ट मार्कर वास्तव में साफ्ट है कि नहीं तो डा. प्रज्ञा मिश्रा ने विसंगति सोनोग्राफी के महत्व पर व्याख्यान दिया.डा. गोपाल कृष्ण पाल ने कार्यक्रम का इसका उद्घाटन किया मौके  डा.अनूपकुमार,आइएसओपीएबी की पूर्व अध्यक्ष डा. मंजू गीता मिश्रा, डा. उषा डिडवानिया, एम्स में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डा. हेमाली हेदी सिन्हा, पटना पीएआरबी की अध्यक्ष डा. मुक्ता अग्रवाल, डा. इंदिरा प्रसाद, डा. पूजा कुमारी, भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ डा. अनीता पासवान, डा. सुद्विता सिन्हा, डा. ज्योति कुमारी, डा. पूनम लाल समेत देश के उत्कृष्ट स्त्री रोग विशेषज्ञ व भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित थे।

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