सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : बिहार के सभी विद्यालयों में समावेशी शिक्षा दिव्यांगों के लिए अनिवार्य है और इसके लिए आवश्यक उपकरण एवं आवश्यक सामग्री भी केंद्र सरकार के द्वारा राज्य सरकार को 2016 में प्राप्त करवाई गई अगर किसी भी दिव्यांग छात्र को किसी प्रकार की असुविधा का सामना करना पड़ता है उनके अधिकारों से उन्हें वंचित रहना रखा जाता है तो दिव्यांग अधिनियम 2016 के तहत कार्रवाई की जाएगी एवं वहां के प्रधानाध्यापक को निष्कासित किया जाएगा उनके नामांकन शुल्क और परीक्षा शुल्क में भी विशेष छूट दिव्यांग अधिनियम 2016 के तहत दी जाएगी यह नियम सभी सरकारी स्कूलों में एक समान लागू होगा वर्तमान में बिहार में स्कूलों की संख्या यह है आच्छादित विद्यालय
प्राथमिक विद्यालय-42,587 मध्य विद्यालय-23,226
वैकल्पिक एवं नवाचारी केन्द्र -2,1934 इसके अलावा दिव्यांग छात्रों को राज्य मेधा छात्रवृत्ति राज्य के राजकीय/राजकीयकृत विद्यालयों में वर्ग 11ौं तथा 12वीं में अध्यययनरत (1400+1400=2800) मेधावी छात्र/छात्राओं को क्रमश: रू0 400/ तथा रू. 500/- प्रतिमाह की दर से 10 माह के लिए छात्रवृति दी जाती है।
आई०आईटी० प्रवेश परीक्षा में सफल छात्र/छात्राओं को रू. 50,000/- प्रति छात्र की दर से प्रोत्साहन छात्रवृति प्रदान की जाती है।
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