Breaking News

दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 एवं भारतीय शिक्षा।

सर्वप्रथम न्यूज सौरभ कुमार : फ्रांसीसियों के देश में किसी विद्यार्थी का आकलन अंकों के आधार पर नहीं होता। जर्मनी में किसी विद्यार्थी का आकलन अंकों के आधार पर नहीं होता। अमेरिका में किसी विद्यार्थी का आकलन अंकों के आधार पर नहीं होता। माने अंग्रेजों ने जो कुछ हमारे देश में चलाया उसको अपने देश में उन्होंने नहीं अपनाया। क्योंकि वो जानते हैं कि यह आकलन की पद्धति पूरी गलत है। इसमें विद्यार्थी फेल और पास नहीं होता है, पूरी शिक्षा व्यवस्था फेल और पास होती है। क्योंकि विद्यार्थी के बारे में तो यह माना जाता है कि वो तो मिट्टी का कच्चा घड़ा है। जैसा आप ठोक पीट के बना दोगे वैसा वो हो जाएगा। तो हमारी शिक्षा व्यवस्था अगर किसी विद्यार्थी को फेल करती है, मैं मानता हूं पूरी शिक्षा व्यवस्था फेल होती है, विद्यार्थी फेल नहीं होता है उसमें।

Check Also

दिव्यांगों के लिए प्रतियोगिता परीक्षा में लेखक प्रावधान।

🔊 Listen to this सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : भारत सरकार की तरफ से एक …