कोरोना मैं महामारी वरदान हैं समर्थ (राहत देखभाल योजना)

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : कोरोना महामारी  में  वरदान साबित होगा  दिव्यांगों के लिए समर्थ योजना का उद्देश्य अनाथों या परित्यक्तों, संकट में फसे परिवारों तथा साथ ही राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के दायरे में आने वाले निराश्रितों समेत गरीबी रेखा से नीचे के एंव निम्न आय वर्ग के परिवारों से संबंधित दिव्यांगों को राहत गृह प्रदान करना है। यह परिवार के सदस्यों के लिए भी अवसरों के सृजन का उद्देश्य रखती है ताकि उन्हें अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए राहत समय मिल सके। यह योजना सभी आयु वर्गों के लिए, व्यावसायिक चिकित्सकों द्वारामू लभूत चिकित्सा देखभाल के उपबंध समेत स्वीकार्य जीवन स्तरों के साथ पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण देखभाल सेवा वाली सामुहिक गृह सुविधा प्रदान करने हेतु समर्थ केन्द्रों की स्थापना करने का भी उद्देश्य रखती है। कार्य केन्द्र का भी प्रावधान है। योजना के अंतर्गत 8 परियोजनाओं को मंजूर किया गया जिसमें कुल 111 लाभार्थियों को लाभांवित किया गया और अब तक 101.73 लाख रूपए की राशि जारी की गई है। इसका विशेष उल्लेख दिव्यांग अधिनियम 2016 में प्राप्त होता है जो दिव्यांगों को उनके संवैधानिक और मौलिक अधिकार है

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