इस अरबपति कारोबारी के पास बैंक खाता खोलने तक के पैसे नहीं थे, पढ़िए संघर्ष की ये दास्तान

सर्वप्रथम न्यूज़  सौरभ कुमार : अमेरिका के अरबपति कारोबारी और निवेशक मार्क क्यूबन की संपत्ति 4 अरब अमेरिकी डॉलर या 280 अरब रुपये से अधिक है, लेकिन एक समय ऐसा था जब उनके पास बैंक एकाउंट खोलने तक के पैसे नहीं थे. उन्होंने अमेरिकी टीवी चैनल एबीसी पर आने वाली रियल्टी सिरीज शार्क टैंक के नए सीजन के प्रमोशन के दौरान दिए गए एक इंटरव्यू में ये बात बताई. मार्क क्यूबन अमेरिका में बैंकिंग, टीवी और स्पोर्ट्स कारोबार के बेहद चर्चित व्यक्ति हैं. मार्क ने बताया कि वे आज भी अपने मेहनतकश जीवन के साथ जड़ से जुड़े हुए हैं.

उन्होंने बताया, ‘संघर्ष के दिनों में मेरे पास बैंक खाता खोलने के लिए जरूरी पैसे भी नहीं थे.’ उनके माता-पिता भी वर्किंग क्लास के थे. ऐसे में मार्क ने बचपन में ही बॉस्केट बॉल टिकट बेचने से लेकर स्टैंप बेचने तक, सभी काम किए. थोड़ा बड़े होने पर उन्होंने एक फर्म में नौकरी की, जहां वे फर्श पर कालीन बिछाने काम करते थे.

अपनी कामयाबी के बारे में मार्क ने बताया, ‘जब स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुझे पहली बार ऐसा नौकरी मिली, जहां टैक्नालॉजी का इस्तेमाल करना था, तो मुझे ये काम बहुत पसंद आया. मैं बिना ब्रेक लिए 8-7 घंटे तक लगातार काम करता था. ऐसा इसलिए हो पाता था क्योंकि मुझे ये काम बहुत पसंद था और मैं इस पर पूरी तरह एकाग्र हो जाता था. 8 घंटे काम करने के बाद भी मुझे लगता था कि जैसे 10 मिनट ही हुए हैं.’ कुछ दिन बाद मार्क ने अपनी बचत के पैसे से माइक्रो सॉल्युशंस नाम से एक सफल कम्प्यूटर स्टार्टअप शुरू किया. इस स्टार्टअप को 1990 में कॉम्पूसर्व नाम की कंपनी ने 6 मिलियन डॉलर में खरीदा.

दुनिया घूमने निकल पड़े 

अपने पहले स्टार्टअप की कामयाबी के बाद मार्क ने एक तरह से रिटायरमेंट ले लिया और अगले पांच साल तक पूरी दुनिया घूमने के लिए निकल पड़े. ये सिलसिला उस समय बंद हुआ जब उन्होंने ब्रॉडकास्ट डॉट कॉम की स्थापना की. ये एक इंटरनेट कंपनी थी, जिसे बाद में याहू ने खरीद लिया. इस डील से मार्क को काफी फायदा हुआ और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

इस समय मार्क अमेरिका के नेशनल बास्केटबॉल एसोशिएशन की टीम डलास मावेरिक्स के मालिक हैं, 2929 इंटरटेनमेंट के को-ओनर हैं और एसएक्सएस टीवी के चेयरमैन हैं. वे एबीसी के रियल्टी शो शार्क टैंक के प्रमुख निवेशकों में एक हैं. उन्होंने ‘हाउ टू विन एट दि स्पोर्ट्स ऑफ बिजनेस’ नाम की एक किताब भी लिखी है।

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