सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : सरकारी बैंक अपने कामकाज के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में हैं. जल्द ही वे ग्राहकों के घर पर उन्हें सेवाएं देने पहुंचेंगे. पैसा निकालने से लेकर जमा करने तक की सुविधा दी जाएगी. इससे लाखों लोगों को सहूलियत होगी. सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्गों और दिव्यांगों को होगा.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ साल पहले डोरस्टेप बैंकिंग का सुझाव दिया था. अब सरकारी बैंकों ने मिलकर इस दिशा में बढ़ने का मन बनाया है. उन्होंने अपने सभी ग्राहकों की जरूरतों के लिए संयुक्त सेवा प्रदाता नियुक्त करने का फैसला किया है.
सभी सरकारी बैंकों की तरफ से यूको बैंक ने प्रस्ताव (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) जारी किया है. इसमें प्राइवेट संस्था को यह सेवा चलाने का न्योता दिया गया है. इसके अंतर्गत कॉल सेंटर, वेबसाइट और मोबाइल एप की सुविधा दी जाएगी. इनके जरिए ग्राहक सेवा का अनुरोध कर सकते हैं.
बैंक जिस सेवा प्रदाता को नियुक्त करेंगे, वह एजेंटों को रखेगा. ये एजेंट ग्राहक के घर पर वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवाएं मुहैया कराएंगे. इनमें पैसा जमा करने और निकालने की भी सुविधा होगी. इसके लिए एजेंटों को एक डिवाइस दिया जाएगा. वैसे, इस पर योजना के अगले चरण पर काम होगा.
शुरू में डोरस्टेप बैंकिंग सेवा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को दी जाएगी. इनके लिए बैंक की शाखा तक पहुंचना मुश्किल होता है. धीरे-धीरे इस सेवा का दायरा अन्य ग्राहकों तक भी बढ़ाया जाएगा. घर बैठे सेवाएं लेने के लिए इन ग्राहकों से मामूली फीस ली जा सकती है. यह जानकारी एक सरकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने दी.
डोरस्टेप बैंकिंग सरकार के ईज (एनहांस्ड एक्सेस एंड सर्विस एक्सेलेंस) प्रोग्राम का हिस्सा है. इस कार्यक्रम के तहत बैंकों को साथ मिलकर कई क्षेत्रों में काम करना है. इनमें काम के घंटे, ब्रांचों की सूरत बदलने जैसी बातें शामिल हैं. जल्दी ही ये एक जैसे दिखेंगे.
प्रपोजल में कहा गया है कि सेवाएं एक तय समय के अंदर दी जाएंगी. बैंक तीन साल के लिए कॉन्ट्रैक्टर के साथ समझौता करेंगे. इसे दो और वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है. सेवा उसी दिन मिलेगी जिस दिन अनुरोध किया जाएगा.
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