सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांगता के इस अधिनियम के क्रियान्वयन हेतु मानव संसाधनों को प्रशिक्षित व विकसित करने के लिए क्या किया जाएगा
धारा 47 के अनुसार संबंधित सरकार को इस अधिनियम के उद्देश्यों के अनुकूल मानव संसाधनों के विकास का भरषक प्रयास करना होगा (क) पंचायती राज सदस्यों, विधायकों, प्रशासकों, पुलिस अधिकारियों, न्यायाधीशों
एवं वकीलों के प्रशिक्षण के लिए निर्धारित सभी पाठ्यक्रमों में दिव्यांगता अधिकारों पर अनिवार्य प्रशिक्षण
(ख) स्कूलों, कालेजों तथा विश्वविद्यालय, शिक्षकों, डॉक्टरों, नसों, पैरामेडिकल कार्मिकों, समाज कल्याण अधिकारियों, ग्रामीण विकास अधिकारियों, आशा
कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, इंजीनियरों, आर्किटेक्टों अन्य व्यावसायियों तथा समुदाय कार्यकर्ताओं के लिए सभी शैक्षिक कोसों में दिव्यांगता को एक घटक के रूप में प्रारंभ करना धारा 47 यह भी निर्धारित करती है कि केंद्र सरकार को प्रत्योक पांच वर्ष में एक आवश्यकता आधारित विश्लेषण निष्पादित करना है तथा इस अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने वाले उपयुक्त कार्मिकों की भर्ती, प्रवेश, संवेदीकरण, अभिविन्यास तथा प्रशिक्षण के लिए योजना बनाना दिव्यांग अधिनियम 2016 में इसका व्यापक उल्लेख प्राप्त होता है प्रत्येक दिव्यांग अपने संवैधानिक और मौलिक अधिकार को जाने और उससे प्राप्तत करके आत्मनिर्भरता का जीवन का आनंद लीजिए हमारा प्रमुख उद्देश्य यही है ।
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