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ITi 2024 का एग्जाम कब हुई दिव्यांग क्यों दुखी है।

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :1 जनवरी 2024 से आईटीआई इंस्पेक्टर  की परीक्षा ली जा रही है। इस परीक्षा के अंतर्गत दिव्यांगों को भी। विज्ञापन संख्या 52/2023 Date 18/09/2023 इस परीक्षा में  होम सेंटर नहीं दिया गया एवंइस परीक्षा में CITS किए गए अभ्यर्थियों को ही ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।लेकिन अफसोस की बात यह है कि की cits की पढ़ाई हमारे बिहार में किसी भी जिले में नहीं होती है। इसकी पढ़ाई बिहार राज्य से बाहर होती है।यह बात किसी से छिपी नहीं है कि दिव्यांगों को पढ़ने में कितनी परेशानियों  कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। फिर भी बिहार के दिव्यांग पढ़ाई करके भी बेरोजगार एवं सड़क पर भीख मांग रहे हैं।अन्य राज्य के दिव्यांग बिहार में नौकरी पा रहे हैं दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 की सबसे बड़ी विशेषता है की जॉब के लिए कोई किसी को छल नहीं सकता लेकिन वास्तविकता और सरकारी सर्कुलर दोनों एक दूसरे से भिन्न है दूर-दूर तक एक दूसरे से संबंध नहीं दिखता है दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 में सामानता पर विशेष ध्यान दिया गया है शारीरिक कष्ट दिव्यांगों को नहीं हो इसके लिए सुगम भारत अभियान चलाया गया है जिसमें करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं अब आप देख लीजिए कि यह परीक्षा कब हुआ था की बहुत अधिक ठंड में और सर्कुलर क्या है की कोई दिव्यांग अगर आवेदन अप्लाई करता है तो निकटतम केंद्र उसके घर से दिया जाता है यहां पर इस सर्कुलर की धज्जियां उड़ाई जा रही है कोई व्यक्ति अगर भागलपुर से फार्म भरता है तो उसको पटना में सेंटर दिया जाता है उसकी सुगमता का विशेष ख्याल रखा जाता है या हिम्मत करके जाओ या एग्जाम भूल जाओ और दिव्यांगों के लिए पढ़ाई ही एक ऐसा साधन है जिसके माध्यम से वह समाज की प्रमुख धारा से जुड़ सकते हैं और अभी-अभी अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस 3 दिसंबर 2023 को संपन्न हुआ है जहां पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं और जो संवैधानिक अधिकार है वह भी दिव्यांग को नहीं मिल पा रहे हैं भारतीय संविधान में यह कहा जाता है की पढ़े लिखे होने पर ही संविधान को अच्छी तरीके से समझ सकते हो और लाभ उठा सकते हो यहां पर समझ के भी दिव्यांग समाज कुछ नहीं कर पा रहा है और पदाधिकारी अपने चरित्र और चित्र में परिवर्तन नहीं करना चाहते हैं तो जो व्यक्ति कहते हैं कि भ्रष्टाचार कहां है वह साक्षात रूप से इसे महसूस कर सकते हैं प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती है।

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