सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार ने खत्म किया ये नियम, अब हर गली-मोहल्ले में मिलेगी सस्ती दवाई सरकार ने जन औषधि केंद्रों के बीच की दूरी के नियम को खत्म कर दिया है जिससे महानगरों और दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में कई केंद्र खुल सकेंगे इसका उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं आसानी से उपलब्ध कराना है दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में नियन लागू रहेगारिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में ज्यादा जनसंख्या घनत्व को देखते हुए जन औषधि केंद्रों तक लोगों की पहुंच, समान वितरण और व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम दूरी की जरूरतों को खत्म किया जा रहा है। सरकार ने जन औषधि केंद्रों को संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए दो केंद्रों के बीच न्यूनतम एक किलोमीटर की दूरी का नियम बनाया था। हालांकि, दस लाख से कम आबादी वाले शहरों में अब भी न्यूनतम एक किलोमीटर दूरी वाला मानक लागू रहेगा। जन औषधि केंद्रों को सरकार का समर्थनजन औषधि केंद्रों को सरकार का समर्थन योजना के तहत सरकार जन औषधि केंद्र खोलने पर 20,000 रुपये तक की मासिक प्रोत्साहन राशि और दो लाख तक की एकमुश्त सहायता देती है। दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी जन औषधि दवाएं उन्हीं कंपनियों से खरीदी जाती हैं जो डब्ल्यूएचओ-जीएमपी (विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक) का पालन करती हैं अब घर के पास ही मिलेंगी सस्ती सरकारी दवाएं, 2 साल में खुलेंगे हजारों जन औषधि केंद्र सरकार 2027 तक देशभर में 25,000 स्टोर खोलना चाहती है जन औषधि केंद्रों पर जेनेरिक दवाएं 90 फीसदी तक सस्ती मिलती हैं।
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