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​”दिव्यांगजनों के सम्मान में रेलवे की बड़ी हुंकार सर्कुलर 01/2026 से अब रियायती टिकट पर सहायक बदलना हुआ आसान, गरिमापूर्ण सफर की ओर एक ऐतिहासिक कदम!”

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : भारतीय रेलवे के द्वारा दिव्यांग जनों के लिए जो सहूलियत तोशियास सचिव सौरभ कुमार जी के द्वारा कहां जाने पर यह बदलाव किया गया है यह स्वागत योग्य और भारत का प्रत्येक दिव्यांग भारतीय रेलवे की इस फैसले का स्वागत करता है पहले दिव्यांग यात्रियों के लिए रियायती (Concessional) टिकट बुक करने के बाद अपने सहायक का नाम बदलना मुमकिन नहीं था। लेकिन अब रेलवे बोर्ड ने इस नियम को आसान बना दिया है क्या बदलाव हुआ है? (प्रमुख बिंदु)नाम बदलने की अनुमति अब अगर किसी कारणवश टिकट पर दर्ज सहायक यात्रा नहीं कर पाता है, तो उसके स्थान पर दूसरे सहायक का नाम जोड़ा जा सकेगा।​रियायती टिकटों पर लागू यह सुविधा अब खास तौर पर ‘कन्सेशनल’ यानी रियायती टिकटों पर भी उपलब्ध होगी पुरानी समस्या का समाधान पहले यह सुविधा सिर्फ सामान्य टिकटों तक सीमित थी, जिससे दिव्यांग यात्रियों को बहुत परेशानी होती थी यदि उनका सहायक ऐन मौके पर बदल जाए।नियम और शर्तें ​इस बदलाव को लागू करने के लिए कुछ मुख्य शर्तें भी हैं ​वही नियम सहायक का नाम बदलने की प्रक्रिया वही होगी जो रेलवे के ‘यात्रियों के नाम परिवर्तन’ (Change of Name) नियम 1990 के तहत दी गई है।​कोई रिफंड नहीं नाम बदलने की स्थिति में किराए के अंतर का कोई रिफंड (Refund) नहीं दिया जाएगाआदेश जारी रेलवे बोर्ड के निदेशक संजय मनोचा ने इस संबंध में सभी रेलवे ज़ोन को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं रेलवे बोर्ड द्वारा दिव्यांग यात्रियों के लिए जारी किया गया नया नियम (सर्कुलर संख्या 01 ऑफ 2026) न केवल एक प्रशासनिक सुविधा है, बल्कि यह संवैधानिक अधिकारों और मानवाधिकारों की दिशा में एक बड़ा कदम है। नियमों में बड़ा बदलाव​पहले के नियमों (संदर्भ 31.01.2017 का पत्र) के अनुसार, रियायती दरों पर बुक किए गए टिकटों पर नाम बदलने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी नया फैसला रेलवे बोर्ड ने अब इस मामले की समीक्षा की है और यह निर्णय लिया है कि दिव्यांग यात्रियों (PwD) के साथ जाने वाले सहायक (Attendant) का नाम बदलने की सुविधा अब रियायती टिकटों पर भी दी जाएगी लागू होने वाले नियम और शर्तें यह सुविधा ‘रेलवे यात्री (नाम परिवर्तन) नियम 1990’ (Railway Passengers – Change of Name – Rules 1990) के मौजूदा प्रावधानों के तहत ही मिलेगी।​महत्वपूर्ण शर्त सहायक का नाम बदलने की स्थिति में रेलवे की तरफ से कोई रिफंड (Refund) नहीं दिया जाएगा, और न ही यात्री को किराए के अंतर का कोई अतिरिक्त भुगतान करना होगा क्रियान्वयन (Implementation)​ रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग-II), संजय मनोचा ने सभी जोनल रेलवे के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि वे इस जानकारी को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाएँ ताकि इसे तुरंत लागू किया जा सके इसका आपके लिए क्या मतलब है?​अगर आपने दिव्यांग कोटे या रियायत के तहत टिकट बुक किया है और ऐन मौके पर आपका सहायक (Attendant) बदल जाता है, तो अब आपको टिकट रद्द करने की ज़रूरत नहीं होगी। आप रेलवे के नियमों के अनुसार स्टेशन पर जाकर अपने सहायक का नाम अपडेट करवा सकते हैं।​ क्या आप जानना चाहते हैं कि इस नियम के तहत नाम बदलवाने के लिए आपको स्टेशन पर कौन-कौन से दस्तावेज (Documents) साथ ले जाने होंगे? मैं इसमें आपकी मदद कर सकता हूँ भारत सरकार (GOVERNMENT OF INDIA)रेल मंत्रालय (MINISTRY OF RAILWAYS)रेलवे बोर्ड (RAILWAY BOARD) संख्या 2025/TG-1/20/59 नई दिल्ली, दिनांक 19.01.2026 प्रति,प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक (PCCM), सभी जोनल रेलवे प्रबंध निदेशक (MD), CRIS, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली (वाणिज्यिक परिपत्र संख्या 01 / Commercial Circular No. 01 of 2026) विषय रियायती टिकटों पर नाम बदलने की सुविधा के संबंध में।संदर्भ CC 14 of 2017 दिनांक 31.01.2017 डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (संजय मनोचा / Sanjay Manocha) निदेशक/पैसेंजर मार्केटिंग-II रेलवे बोर्ड दिनांक 19-01-2026 प्रतिलिपि प्रेषित (Copy to)​ मुख्य आयुक्त, दिव्यांगजन (Divyangjan), नई दिल्ली।​CCM/PMs एवं CCM/PSs, सभी जोनल रेलवे MD/IRCTC, नई दिल्ली तोशियास सचिव ने  बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की धाराएं यह कानून रेलवे को दिव्यांगों की सुविधा के लिए बाध्य करता है धारा 3 समानता और गैर-भेदभाव। किसी भी दिव्यांग को उसकी अक्षमता के आधार पर सुविधा से वंचित नहीं किया जा सकता।​ धारा 41 परिवहन में पहुंच (Access to Transport)। सरकार को परिवहन के साधनों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाना होगा धारा 41(1)(b) बस, ट्रेन और हवाई जहाजों में दिव्यांगों के लिए विशेष डिजाइन और सुविधाएँ सुनिश्चित करना धारा 43 आवागमन में आसानी के लिए नई योजनाओं का निर्माण करना धारा 72  राज्य सरकारों और रेलवे जैसे सार्वजनिक उपक्रमों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी सेवाओं को सुलभ बनाएं  भारतीय संविधान के अनुच्छेद (Constitutional Articles)अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता। दिव्यांगों को भी वही अधिकार हैं जो अन्य नागरिकों को, और उनके लिए विशेष प्रावधान करना समानता का ही हिस्सा है अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध। इसमें दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव न करना भी अंतर्निहित है अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। गरिमा के साथ यात्रा करना और बाधा रहित आवागमन इस मौलिक अधिकार का हिस्सा है। अनुच्छेद 38 राज्य द्वारा लोक कल्याण की अभिवृद्धि के लिए सामाजिक व्यवस्था बनाना।​अनुच्छेद 41 बीमारी और निशक्तता (Disabled) की दशा में सार्वजनिक सहायता का अधिकार रेलवे अधिनियम, 1989 (Railways Act, 1989) की मुख्य धाराएंधारा 50 समय-सारणी और किरायों का प्रदर्शन।​धारा 52 रियायती टिकट (Concessional Tickets) जारी करने का अधिकार। इसी धारा के तहत दिव्यांगों को रियायत मिलती है।​धारा 53 टिकटों के हस्तांतरण पर रोक। सामान्यत: रेलवे टिकट पर नाम नहीं बदला जा सकता, लेकिन बोर्ड को इसमें ढील देने का अधिकार है।​धारा 60 रेलवे टिकटों और उनकी शर्तों के संबंध में नियम बनाने की केंद्र सरकार की शक्ति।धारा 142 टिकटों के दुरुपयोग के लिए दंड। नाम बदलने की प्रक्रिया इसे दुरुपयोग से बचाने के लिए ही सख्त रखी गई थी अन्य संबंधित प्रशासनिक और दंडात्मक धाराएंधारा 89 (RPwD Act) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान।​धारा 91 (RPwD Act) दिव्यांगों को मिलने वाले लाभ का फर्जी उपयोग करने पर सजा।​ धारा 94 (RPwD Act) नियम बनाने की शक्ति।भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) टिकट और डिजिटल रिकॉर्ड (जैसे नए सर्कुलर का ई-मेल) को कानूनी साक्ष्य के रूप में मान्यता ​उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धाराएं सेवा में कमी (Deficiency in Service) होने पर यात्री कोर्ट जा सकते हैं।

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