Breaking News

बिहार : पांच यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के 4000 पद खाली

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के खाली पद कार्यरत शिक्षकों से अधिक हैं। सिर्फ पांच विश्वविद्यालयों में ही करीब चार हजार सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसका खुलासा शिक्षा विभाग के उच्च शिक्षा निदेशालय को इन विश्वविद्यालयों द्वारा भेजी गयी रिक्ति से हुआ है। शेष विश्वविद्यालयों को भी सप्ताहभर में अपनी रिक्ति सरकार को देनी है।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में सहायक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन किया है। आयोग के अध्यक्ष, सचिव तथा सदस्यों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के 52 पद भी स्वीकृत कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग जल्द से जल्द आयोग के माध्यम से सहायक शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ करना चाहता है। इसके लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी विश्वविद्यालयों से रिक्त पदों की कॉलेजवार, विभाग और संकायवार गणना कर रिक्ति का ब्योरा मांगा था।इस बाबत सभी विश्वविद्यालयों को अबतक दो पत्र भेजे जा चुके हैं। लेकिन शुक्रवार तक महज पांच विश्वविद्यालयों ने ही अपने यहां के रिक्त पदों का ब्योरा भेजा है।बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा, वीर कुंवर सिंह विवि आरा, तिलकामांझी विवि भागलपुर और मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय से आयी रिक्ति को जोड़ने पर यह करीब 4000 तक पहुंच चुकी है। अब भी आठ विश्वविद्यालयों ने शिक्षा विभाग को अपने यहां रिक्त पदों का ब्योरा नहीं भेजा है। इनमें शामिल पटना विवि, मगध विवि, पाटलिपुत्र विवि, बीआरए बिहार विवि, केएसडी दरभंगा, जेपी विवि छपरा, मुंगेर विवि, पूर्णिया विवि से एक सप्ताह में रिक्त पदों की जानकारी देने को कहा गया है। अनुमान है कि इन आठ विश्वविद्यालयों में भी कम से कम 5000 सहायक शिक्षकों के पद रिक्त हैं।

Check Also

दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 क्या है ? संपूर्ण सच्चाई।What is the Disability Rights Act of 2016? The Complete Truth

🔊 Listen to this सर्वप्रथम न्यूज सौरभ कुमार : दिव्यांगों के लिए बिल्कुल निःशुल्क काम …