सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : महाराष्ट्र सरकार ने दिव्यांगों की समस्याओं को हल करने के लिए दिव्यांग कल्याण मंत्रालय का गठन किया है. इससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. मुंबई के गोरेगांव नेस्को सेंटर में बुधवार (7 जून) को इस नए दिव्यांग कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक बड़े कैंप का आयोजन किया गया जिसमें करीब 2 हजार से ज्यादा दिव्यांग शामिल हुए. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से बनाए गए इस नए मंत्रालय का उद्देश्य है कि सरकार की सभी योजनाएं सही तरीके से दिव्यांगों तक पहुंच सकें और उन्हें इसका लाभ मिल सके. अक्सर देखने को मिलता था कि जो लोग चलने में असमर्थ हैं वह दफ्तरों की सीढ़ियों पर नहीं चल सकते और बार-बार सरकारी कार्यालय नहीं जा सकते. इन्हीं लोगों की मदद के लिए सरकार इस मंत्रालय के अंतर्गत उनके दरवाजे तक पहुंचकर उनका काम करेगी और उन्हें लाभ पहुंचाया जाएगा. दिव्यांगों से बातचीत की. दिव्यांगों के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार की तरफ से दिव्यांगों के लिए यह पहला ऐसा प्रयास है जो उनकी जिंदगी में एक नई उम्मीद लेकर आया है. तमाम दिव्यांगों को उम्मीद है कि अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार की तरफ से मिलने वाली योजनाओं का उन्हें लाभ मिलेगा और महाराष्ट्र सरकार का यह मंत्रालय उनके लिए एक बहुत बड़ा सहारा बनेगा. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से लगाए गए इस दिव्यांग मंत्रालय के पहले कैंप में बहुत सारे संगठन और संस्थाएं शामिल हुईं जो ऐसे कार्य करती हैं जहां से दिव्यांगों को रोजगार मिल सकता है. सबका यही उद्देश्य है कि उनको ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिया जाए ताकि वह अपने बल पर अपना जीवकोपार्जन कर सकें और उन्हें किसी पर निर्भर न रहना पड़े.
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