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उत्तराखंड दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए चुनाव की तिथि बढ़ाई गई

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : उत्तराखंड में बीते दो दिनों से जारी बारिश-बर्फबारी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। बारिश-बर्फबारी के चलते कई पर्यटक जगह-जगह फंस गए। पोलिंग पार्टियां भी सड़कों पर बर्फ जमी होने के चलते अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहीं। इस तरह भारी बारिश और बर्फबारी के चलते चुनाव प्रक्रिया में खलल पड़ रहा है। प्रदेशभर में 15 पोलिंग पार्टियों को बर्फबारी के दौरान अपने गंतव्य तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। कड़ाके की ठंड में सड़क पर जमी बर्फ के बीच एक-एक कदम आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया था। गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में नौ पोलिंग पार्टियां बर्फबारी में फंस गईं। इसी तरह रुद्रप्रयाग जिले में भी दो पोलिंग पार्टियां बर्फबारी के चलते अपने गंतव्य के लिए रवाना नहीं हो सकीं। उधर, कुमाऊं मंडल के चंपावत जिले में चार पोलिंग पार्टियां बर्फ के बीच फंसी रहीं। बाद में जिला प्रशासन ने इनको वापस बुलाया। इन पोलिंग पार्टियों को अब 5 फरवरी के बाद रवाना किया जाएगा।आपको बता दें कि इस साल चुनाव आयोग ने दिव्यांग और 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से घर पर ही मतदान करने की सुविधा दी है। इसके लिए कल पोलिंग पार्टियों को संबंधित क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया था, लेकिन भारी बारिश और बर्फबारी ने कर्मचारियों के कदम रोक दिए। चमोली में गैरसैंण क्षेत्र में भेजी गईं 8 पोलिंग पार्टियां कर्णप्रयाग-गैरसैंण हाईवे पर दिवालीखाल में फंस गईं, जबकि एक पोलिंग पार्टी वापसी के दौरान बर्फबारी के कारण रास्ते में फंसी है। इसी तरह कुमाऊं के चंपावत में भी 4 पोलिंग पार्टियां आगे नहीं बढ़ सकीं। लोहाघाट में चुनाव ड्यूटी पर जा रहे कर्मचारी मानेश्वर के पास फंसे हुए हैं। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के त्रिजुगीनारायण और चंद्रनगर की पोलिंग पार्टी भी रास्ते में फंसी हैं। रास्ते में फंसी टीमों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इन्हें अब मौसम साफ होने के बाद संबंधित जगहों पर भेजा जाएगा.

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