दिव्यांग उपकरण कौन-कौन से हैं खराब होने पर नही हो निराश एवं हताश भारतीय संविधान पर रखे अटूट विश्वास।

सर्वप्रथम न्यूज सौरभ कुमार : दिव्यांगों को अगर कोई खराब उपकरण दिया जाता है सहायक यंत्र दिया जाता एवं कोई भी दिव्यांगों के जीवन से जुड़ा हुआ दैनिक दिनचर्या का खराब वस्तु अगर दिया जाता है अगर उसे वापस करने से कोई भी सरकारी कार्यालय एवं प्राइवेट कार्यालय निजी दुकान वापस लेने से इन्कार करते हैं परेशान करते हैं तो संविधान में उल्लिखित इन धाराओं का इस्तेमाल करके उन्हें सबक सिखाया जा सकता है वर्तमान स्थिति में जो स्थिति बैटरी चालित साईकिल की बनी हुई है या कोई वास्तु की गुणवत्ता की स्थित है वैसी स्थिति में आप निराश नहीं हो बल्कि अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करकेउसे कार्यालय या निजी दुकान को सबक सिखा सकते हैं संविधान में इसका व्यापक प्रावधान वर्णित है और उल्लेखित है जागरूक बने दिव्यांग जानिए क्या है लिखित कानून सभी जनकारी इस प्रकार है कानून कहता है कि ग्राहकों को मुआवज़ा पाने का अधिकार है यदि उन्हें ऐसा सामान मिलता है जो या तो दोषपूर्ण है या वर्णित के अनुसार नहीं है। उनके पास आइटम वापस करने, प्रतिस्थापन, धनवापसी, या मरम्मत के लिए पूछने का विकल्प 31 है।उपभोक्ताओं को एक निर्धारित समय के भीतर उपभोक्ता वस्तुओं की मुफ्त वापसी का अधिकार और उससे जुड़े और उसके आनुषंगिक सभी मामलों का अधिकार प्रदान करना। अध्याय I 31 प्रारंभिक (1) इस अधिनियम को उपभोक्ता सामान (मुफ्त वापसी का अधिकार) अधिनियम, 2015 कहा जा सकता है। (2) इसका विस्तार पूरे भारत पर है।

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