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सुप्रीम कोर्ट का आदेश निर्दोष दिव्यांग को केस में फसाना अब पड़ेगा महंगा।

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : सुप्रीम कोर्ट में सभी राज्यों को दिए सख्त निर्देश अब किसी भी निर्दोष व्यक्तियों को हिस्ट्री शीट में दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मिलित नहीं कर सकते हैं इस कार्य में आर्थिक रूप से और शारीरिक रूप से हिस्ट्री शीट नहीं रखना चाहिए कि ये पूर्व-निर्धारित धारणाएं अक्सर उन्हें (निर्दोष व्यक्तियों को) उनके समुदायों से जुड़ी प्रचलित रूढ़ियों के कारण ‘अदृश्य पीड़ित’ बना देती हैं, जो अक्सर आत्म-सम्मान के साथ जीवन जीने के उनके अधिकार में बाधा डाल सकती हैं।”न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 21 में गहराई से निहित मानवीय गरिमा और जीवन के मूल्य को रेखांकित करते हुए कहा कि हिस्ट्री शीट में निर्दोष व्यक्ति के विवरण का उल्लेख करना मानव सम्मान के योग्य जीवन के खिलाफ है। आत्म-सम्मान सामाजिक छवि और अपने आस-पास के समाज में खुद के लिए ईमानदार जगह गरिमापूर्ण जीवन के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी कि पर्याप्त भोजन, कपड़े और आश्रय।”भारत के  सभी राज्यों के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर   यह आदेश दिए गए सुप्रीम कोर्टट के द्वारा और सुप्रीमकोर्ट का आदेश नियम होता है यह भारत का प्रत्येक व्यक्ति जानता है।

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