सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : पूरे भारत में जितने भी प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित हो रही है वह ऑनलाइन हो रही है वैसे में दिव्यांगों के लिए ई साइबर नियम बना था जिसका पालन चाहे वह केंद्र सरकार के द्वारा परीक्षा लिया जा रहा हो उसमें करना था या फिर राज्य सरकार के द्वारा उसमें करना था आप लोग जानते हैं की दिव्यांगों के लिए बहुत से केंद्र सरकार की ऐसी विभाग है जिसमें स्पेशल एक्जाम लिया जाता है और इसके लिए बहुत अधिक पैसे भी खर्च होते हैं लेकिन कहीं ना कहीं साइबर नियम का पालन जो दिव्यांगों के लिए स्पेशल किया गया था नहीं हो रहा है केंद्र सरकार के द्वारा नियम पारित करके सभी विभागों को एक दिशा निर्देश दिया जा चुका है जिसमें ऑनलाइन एग्जाम होते हैं विंडो स्क्रीन रीडर का होना आवश्यक है ब्रेल लिपि कीबोर्ड का होना आवश्यक है भाषा में जो सॉफ्टवेयर ट्रांसलेट करता है उस ट्रांसलेटर का होना आवश्यक है संकेतिक भाषा पहचान का होना आवश्यक है दिव्यांग जनों के लिए साइबर डे स्पेशल में अलग से समर्पित समाधान प्रस्तुत करने की बजाए उद्देश्य होना चाहिए कि उत्पाद और सेवाओं की जो डिजाइन हो उसे दिव्यांगजन अमित सबको इन तक पहुंचाने में फायदा मिल सके उत्पाद कार्यक्रम सेवा के डिजाइन आय में भेदभाव नहीं किया जाए और सभी को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने की कोशिश की जाए जो कहीं भी एग्जाम सेंटर देखने को नहीं मिलता है इस नियम का खुलेआम अनदेखी किया जा रहा है और इस मद में आने वाले पैसे का भी सदुपयोग नहीं किया जा रहा है मैं इस बात को इस आधार पर कर सकता हूं ताकि किसी दिव्यांग को भारत में इंटरनेट के माध्यम से जो सुविधा प्रदान होती है जिसके लिए योजना बनाई गई है उन तक यह योजना पहुंची नहीं पा रही और कागजों तक ही सिमट के रह गई है इसलिए जरूरत है सरकार को कि इस योजना के तरफ व्यापक रूप से विचार-विमर्श करके इस को कार्यान्वित किया जाए नहीं की इसको कागज तक ही सीमित रखा जाए इसलिए हम यह कह सकते हैं कि किसी भी दिव्यांग को किसी भी जाम में ई सेवाओं का लाभ ना मिल रहा है इसे दिलाया जाए ताकि दिव्यांगजन अपने मौलिक अधिकार को पा सके ऐसे बहुत दिव्यांग व्यक्ति होते हैं जो गजक के चलते हैं और जिनके हाइट से काफी ऊपर कंप्यूटर रखा जाता है तो उनके हाइट के अनुसार हम की टेबल की बनावट को बनाया जाए और जिस सेंटर में यह सारी सुविधा उपलब्ध हो उसी सेंटर में दिव्यांग जनों का ऑनलाइन एग्जाम लिया जाए। वहां के कंप्यूटर वहां पर रैंप की व्यवस्था होनी चाहिए वहां पर व्हील चेयर होना चाहिए दिव्यांग व्यक्तियों को ऊपर के तले पर स्थान नहीं दिया जाना चाहिए वहां शौचालय की व्यवस्था दिव्यांग के अनुरूप ही होनी चाहिए।
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