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दिव्यांगों को मिली निराशा आरक्षण रहते हुए भी यह भी काउंटर दिव्यांगों को नहीं मिला बिहार में रेलवे का निजीकरण शुरू, 15 स्टेशनों के टिकट बुकिंग काउंटर एजेंट के हवाले

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांंगों को मिली निराशा आरक्षण रहते हुए भी एक भी काउंटर नहीं मिला टिकट बुकिंग काउंटर एक-एक कर निजी एजेंसियों को सौंपी जा रही है। भागलपुर रेल एरिया में अब कई स्टेशन ऐसे हैं, जहां टिकट बुकिंग काउंटर एजेंट के ही हाथों में सौंप दिया गया है या सौंपने की तैयारी है। बाकायदा इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।रेलवे की नई व्यवस्था के अनुसार अब ई-कैटोगरी के स्टेशनों पर टिकट बुकिंग के लिए रेलवे कर्मचारी तैनात नहीं रहेंगे। हाल में मालदा डिवीजन के 15 स्टेशनों पर टिकट बिक्री के लिए कॉन्ट्रेक्टर बहाल करने के लिए टेंडर किया गया है। इसके अतिरिक्त और स्टेशनों पर एसटीबीए (स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट) बहाल करने के लिए टेंडर निकाला गया है। इसमें जमालपुर के पास का मसूदन और साहिबगंज के पास का तालझारी स्टेशन शामिल है।इसके पहले जिन 15 स्टेशनों को एसटीबीए के हवाले किया गया, उसमें गनकर, करनपुरातो, महराजपुर, एकचारी, लैलख ममलखा, अकबरनगर, कल्याणपुर रोड, दशरथपुर, धरहरा, हसडीहा और नोनीहाट स्टेशन शामिल हैं। स्टेशनों पर टिकट काउंटर का ठेका देने में उन आवेदकों को तवज्जो देने की बात कही गई है जो स्थानीय नागरिक हों, लेकिन ऊंची बोली लगाने वाले यानी अधिक राजस्व देने का दावा करने वाले कॉन्ट्रेक्टर की अनदेखी नहीं होगी। रेलवे एजेंट बहाल करने से पहले विभिन्न स्टेशनों पर अधिकारियों की टीम भेजकर औसत टिकट बिक्री और यात्रियों की भीड़ का आकलन भी करा रहा है। एक रेल अधिकारी बताते हैं कि रेलवे अपने घाटे को कम करने के लिए इस प्रक्रिया को अपना रही है।

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