सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :अधिवक्ता कल्याण कोष मैं दिव्यांगों के लिए क्या है सुविधा केन्द्र और राज्य स्तरों पर संबंधित सरकारों द्वारा सृजित कोष का प्रबंधन एक न्यासी समिति द्वारा किया जाता है। राज्य स्तर पर गठित न्यास समिति के सभापति संबंधित राज्य के महाधिवक्ता होते है। देश भर के सभी पंजीकृत और वकालत कर रहे अधिवक्ता न्यास समिति कल्याण कोष के सदस्य को वार्षिक दाखिल शुल्क का 20 प्रतिशत कल्याण कोष में जमा किए जाने का प्रावधान है। इस कोष से बड़ी शारीरिक दिव्यांग दिव्यांग ताकि चार प्रकार इसमें सम्मिलित है, शल्य चिकित्सा कराने, तपेदिक, कुष्ठरोग, लकवा, कैंसर और अन्य गंभीर रोगों से ग्रसीत वकिलमें अनुदान मुहैया कराये जाते है। इस कोष का पाँच वर्षों तक सदस्य रहने पर प्रत्येक अधिवक्ता अपनी वकालत अवधि के मुल्यांकन के अनुसार धन पाने का हकदार होगा। यह कानून अधिवक्ता अधिनियम, 1961 और देश की बार काउंसिल के द्वारा निर्धािरित नियमों के आधार पर संचालित होता है। कई राज्यों में इस विषय पर अपने अलग अलग विधान बनाये है। संसद में अधिवक्ता कल्याण कोष कानून, 2001 पारित किया है।
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