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दिव्यांग व्यक्तियों को यह समझना होगा विरोध का हक गैरकानूनी नहीं

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांग व्यक्तियों को यह समझना होगा विरोध का हक गैरकानूनी नहीं हाईकोर्ट ने कहा, विरोध करने का अधिकार गैरकानूनी नहीं है और इसे यूएपीए के अर्थ में आतंकवादी कृत्य नहीं कहा जा सकता है। आरोपपत्र में निहित तथ्यात्मक आरोपों और साक्ष्यों से साफ है कि निश्चित रूप से यूएपीए की धारा 15, 17 और/या 18 के तहत अपराध नहीं है।आरोपपत्र में आतंकी कृत्य या इसके लिए धन जुटाने के आरोप नहीं हैं। शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रदत्त है।

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