सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : दिव्यांग कोरोना महामारी काल में इन सुविधाओं से ना रहे वंचित इमारतों को सुलभ बनाने के लिए किन उपायों को प्रयोग में लाया जाएगा
धारा 44 में वर्णित है कि किसी भी प्रतिष्ठान को किसी भी निर्माण कार्य की अनुमति नही दी जाएगी यदि, बिल्डिंग प्लान केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन
नही करता है तथा किसी भी भवन को पूरा होने अथवा इसका कब्जा लेने संबंधी प्रमाण-पत्र तब तक नही दिया जाएगा जब तक वह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित
नियमो का पालन न कर लें।सभी सार्वजनिक इमारतों को दिव्यांगों के लिए कब सुलभ बनाया जाएगा धारा 45 में वर्णित है कि सभी मौजूदा सरकारी इमारतों को केंद्र सरकार द्वारा बनाये गये नियमों के अनुसार इन नियमों के अधिसूचित होने के पांच वर्ष के भीतर सुलभ बनाया जाएगा हालांकि केंद्र सरकार मामला-दर-मामला आधार पर इन प्रावधानों के अनुपालन के लिए राज्यों की तैयारी की स्थिति व अन्य संबंधित मानकों के आधार पर समय सीमा को बढ़ाने में छूट दे सकती है। इसके आगे संबंधित सरकार तथा स्थानीय प्राधिकारी प्राथमिकीकरण पर आधारित, अपनी सभी इमारतों और स्थान जो आवश्यक सेवाएं जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल हास्पिटलों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टेशनों के निर्माण को ध्यान में रखते हुए कि वे दिव्यांगों की पहुंच तक सुलभ हों इस हेतु एक कार्य योजना बनाएंगे। क्या सेवा प्रदाताओं के लिए भी दिव्यांगों को सुलभ सेवाएं प्रदान करना अनिवार्य है धारा 46 में वर्णित है कि सेवा प्रदाता चाहे वो सरकारी हो अथवा निजी हो केंद्र सरकार द्वारा सुलभता पर निर्धारित किये गये नियमों के अनुसार में इन नियमों के अधिसूचित होने के दो वर्षों के अंदर-अंदर सेवा प्रदान करनी होगी यद्यपि केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श कर सेवा को निर्दिष्ट वर्ग को सेवा प्रदान करने की समय सीमा को आगे विस्तारित कर सकती है।
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