दिव्यांग व्यक्तियों से लोन की वसूली के लिए बाउंसर नहीं रख सकते बैंक, सरकार ने संसद में दी जानकारी

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार:सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि बैंकों को लोन की वसूली के लिए एजेंटों की नियुक्ति में बाउंसरों यानी बाहुबलियों की नियुक्ति का अधिकार नहीं है। दिव्यांग व्यक्ति जो लोन देने में असमर्थ थे विगत कई वर्षों से बाउंसर के सहारे बैंक उनसे लोन  लेती थी उस पर निश्चित रूप से लगाम लग जाएगा भारतीय रिजर्व बैंक के उधारकर्ताओं के लिए उचित व्यवहार संहिता के संबंध में जारी दिशानिर्देश बहुत स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि ऋण वसूली या रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति के पहले उनका पुलिस सत्यापन कराया जाता है। यह बैंकों का भी दायित्व है कि वे सुनिश्चित करें कि रिकवरी एजेंट असभ्य व्यवहार, गैरकानूनी रास्ता या कोई गलत तरीका नहीं अपनाएं।

गलत व्यवहार पर ऑम्बुड्समैन को करें शिकायत

उन्होंने कहा कि वसूली एजेंटों द्वारा दिशानिर्देशों के उल्लंघन या गलत पद्धतियों के अनुसरण को गंभीरता से लिया जाता है। बैंकों की ओर से भी किसी प्रकार की ऐसी चूक होने पर ऑम्बुड्समैन को शिकायत की जा सकती है और ऑम्बुड्समैन बैंकों पर 20 लाख रुपए तक का जुर्माना ठोक सकता है। उन्होंने बताया कि 2018-19 के दौरान ऐसी 255 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं जिनमें 31 का निस्तारण किया गया और 58 को निरस्त कर दिया गया। शेष 165 शिकायतों को अग्राह्य माना गया। निश्चित रूप से इस फैसले से दिव्यांग जन लोन उपभोक्ता को राहत मिलेगी फैसले का दिव्यांग समाज स्वागत करता है क्योंकि इस समस्या से सबसे अधिक दिव्यांगजन ग्रसित थे और उनका आय का स्रोत कुछ नहीं होता था जिससे कि उनको काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था इससे निश्चित रूप से दिव्यांग लोगों को काफी राहत मिलेगी।

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