अब बल्लेबाजी और गेंदबाजी भी कर सकेंगे सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी, ICC की मंजूरी

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के हर फॉर्मेट में पुरुष और महिला टीमों को मैच के दौरान ‘कॉनकस्ड प्लेयर‘ (सिर में लगी चोट का खिलाड़ी) को रिप्लेस करने की अनुमति मिल जाएगी। इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने यह जानकारी दी। इस नियम को गवर्निंग बॉडी के प्लेइंग कंडीशंस में शामिल कर लिया है। यह नियम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1 अगस्त से शुरू हो रही एशेज सीरीज से लागू किया जाएगा। कॉनकशन पर फैसला टीम के मेडिकल प्रतिनिधि द्वारा लिया जाएगा जबकि चोटिल प्लेयर की जगह आने वाला प्लेयर जिसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी करनी है, उसे मैच रेफरी द्वारा स्वीकृत किया जाएगा।

आईसीसी ने अपने लंदन में हुए वार्षिक सम्मेलन के बाद बताया, ‘घरेलू क्रिकेट में 2 साल के ट्रायल के बाद आईसीसी ने पुरुष और महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और दुनियाभर में खेले जाने वाले फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कॉनकस्ड प्लेयर के रिप्लेसमेंट को मंजूरी दे चुका है।’

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज की दर्दनाक मौत ने आईसीसी को गेंद के सिर में चोट लगने से होने वाले मस्तिष्काघात से तात्कालिक और लंबी अवधि के प्रभावों पर जागरुकता लाने के लिए प्रेरित किया। आईसीसी ने 2017 में घरेलू स्तर पर परीक्षण के तौर पर सिर में लगने वाली चोट से बेहोशी आने पर कॉनकशन सबस्टिट्यूट खिलाड़ी उतारने की शुरुआत की थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 2016-17 सत्र से मेंस और विमिंस वनडे कप और बीबीएल तथा विमिंस बीबीएल में इस तरह के स्थानापन्न खिलाड़ी उतारने की व्यवस्था की थी, लेकिन शैफील्ड शील्ड में इसे लागू करने के लिए उसे मई 2017 तक आईसीसी की मंजूरी का इंतजार करना पड़ा था।

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