दिव्यांगों के लिए सुनहरा मौका नौकरी पाने का बिना इंटरव्यू के सीधा सिलेक्शन

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार :  तोशियास संस्था के लगातार 2 सालों के प्रयास के उपरांत दिव्यांगों को प्राइवेट जॉब में अनोखी जीत प्राप्त हुई है पूरे भारत में पूरे भारत के दिव्यांग अपने अधिकार को जाने दिव्यांग अधिनियम 2016 सेक्शन 30 में यह स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है की भारत में जो भी कंपनियां चलती है ओर उनका रजिस्ट्रेशन भारत सरकार के द्वारा हुआ है तो उन्हें अपने प्राइवेट जॉब में 4% दिव्यांग को लेना है और उनकी शारीरिक पीड़ा को देखते हुए उन्हें  उनके क्षमता अनुसार उन्हें काम दिया जाए उन्हें प्रताड़ित न किया जाए एवं उन्हें स्वावलंबी बनाया जाए यह सर्कुलर सामाजिक कल्याण और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा जारी किया गया है इसमें प्राइवेट कंपनियों को और मॉलो मालिक बिग बाजार आदि ऐसे प्राइवेट संस्थान को यह निर्देश दिया गया है की हर हालत में आपको 4% दिव्यांगों को नौकरियों में नियुक्त करना है मान लीजिए कि कोई दिव्यांग है वह नौकरी के लिए गया और वह योग्य है और 4% दिव्यांग आपने नहीं रखा है तो उस दिव्यांग को आपको रखना होगा अन्यथा इंकार करने पर नई डिसेबिलिटी एक्ट  2016 के तहत अगर आप दोषी पाए गए तो आप पर अनुसंसाधन करवाई होगी और आपको 3 साल की सजा और 600000 का जुर्माना भी हो सकता है इसलिए हमारा निवेदन है कि इन सभी कंपनियों में दिव्यांग  अपना आवेदन कर सकते हैं योग्यता और क्षमता के अनुसार उनकी नियुक्ति भी होगी। भारत के दिव्यांग जागरूक हो और अपने अधिकार को जाने ताकि कोई भी बिचोली उनके हक को नही ले सके किसी भी नियम को बनाने में काफी समय लग जाता है इसलिए दिव्यांग समाज अपने अधिकार को जाने और यहां करे अपना आवेदन ।

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