आम आदमी की सरकार दिव्यांग कर्मियों के साथ अन्याय क्यों कर रहा है

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : यह अपील करेंगे दिल्ली के मुख्यमंत्री इस पर संज्ञान लें और दिव्यांग हितों का ख्याल रखते हुए उनके संवैधानिक अधिकारों का ख्याल रखते हुए उन्हें हर सुविधा प्रदान करें जो उनको संवैधानिक रूप से भारत सरकार के द्वारा प्राप्त है | भारत में सभी दिव्यांगों को संवैधानिक अधिकार मिला हुआ है स्वतंत्रता का, अभिव्यक्ति का ,अपने दायित्वों में परिवार के दायित्वों को सम्मान करने का, जब वे संवैधानिक रूप से किसी सरकारी पद पर स्थापित होते हैं तब उन पर दबाव दिए बिना सरकारी अधिकारियों को उनका ध्यान रखना होता है| आए दिन देखने को मिल रहा है कि ऐसे सर्कुलर निकाले जाते हैं | जब राष्ट्रीय स्तर पर छुट्टियां होती हैं जो दिव्यांग आउटस्टेशन leave पर रहते हैं , उन्हें भी उस सर्कुलर को पालन करते हुए अपनी छुट्टी बीच में छोड़कर वापस आने पड़ती है, जो यह संवैधानिक रूप से गलत हैं| आप कोई कार्यक्रम करते हैं तो वर्किंग डे में कीजिए जब वह स्थान पर मौजूद होते हैं| उदाहरण स्वरूप पुस्तक मेला का आयोजन पुस्तकालय संबंधित होते हैं यह आयोजन 1 से 11 अक्टूबर 2019 को जबकि 1 से 7 अक्टूबर2019 तक छुट्टी है ऐसे में जो दिव्यांग लाइब्रेरियन प्रभावित होंगे, कृपया उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाए|एक और जहां दिव्यांग कर्मियों के लिए सहायक की आवश्यकता होती है शारीरिक दिव्यांगों को इंस्पेक्शन के दौरान बहुत परेशान किया जाता है फाइलों को किताबों को उठाकर इधर से उधर ले जाने के लिए बाध्य किया जाता, क्या ऐसे में भारतीय संविधान में दिव्यांग एक्ट 2016 के अधिनियम की जानकारी उस विभाग को नहीं रहती है|ऐसे अमर्यादित इंस्पेक्शन अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए | दिव्यांगों के अधिकार का उल्लंघन संबंधित विभागों में एक सर्कुलर त्वरित रूप से उपलब्ध किया जाए जिससे दिव्यांगों की रक्षा किसी भी कार्य में परेशानी उनको ना हो|माननीय मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार दिव्यांग हितों की रक्षा के लिए एक सार्वजनिक सर्कुलर जारी करें अपने संबंधित सभी विभागों में चाहे शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग हो या अन्य किसी भी विभाग में जहां किसी भी रूप में दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हो चाहे पुराने हो चाहे नए हो |हाल के दिनों में देखा गया है कि दिव्यांग कर्मियों को भी इलेक्शन ड्यूटी दी जाने लगी जो कि गलत है, एक शारीरिक दिव्यांग व्यक्ति कैसे इतने भारी बक्सों को उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते हैं| माननीय मुख्यमंत्री दिल्ली सरकार से अपील है संवैधानिक रूप से दिव्यांग जनों को जो अधिकार मिले हुए हैं उनकी रक्षा हो|समस्याएं और भी हमारे सम्मुख आएंगे, हम दिव्यांग हितों की रक्षा के लिए कार्यरत हैं समय-समय पर आपको सूचित करते रहेंगे|

Check Also

आयुष्मान कार्ड नहीं है फिर भी क्या हम मुफ्त इलाज ले सकते हैं।

🔊 Listen to this सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : आयुष्मान कार्ड जो दिव्यांगों के पास नहीं …