परिवार के दूसरे सदस्य को ट्रांसफर कर सकते हैं आरक्षित रेल टिकट, जानिए कैसे ?

सर्वप्रथम न्यूज़ सौरभ कुमार : यदि आपके पास रेलवे का आरक्षित टिकट है और किसी वजह से आप यात्रा नहीं कर सकते तो उस टिकट को रद्द करने की जरूरत नहीं है. रेलवे ने रिजर्व टिकट परिवार के दूसरे सदस्य के नाम ट्रांसफर कराने के नियमों को आसान बना दिया है.
रेलवे के नियम के मुताबिक, कंफर्म रिजर्वेशन टिकट किसी और के नाम ट्रांसफर करने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं. कई बार लोगों को अपनी यात्रा रद्द करने का फैसला लेना पड़ता है. अगर वह व्यक्ति परिवार का मुखिया है तो दिक्कत और बढ़ जाती है. लेकिन, रेलवे के नए नियम से यह दिक्कत खत्म हो जाएगी. आपकी जगह आपका भाई, बहन या परिवार का कोई दूसरा सदस्य यात्रा कर सकेगा. उस टिकट को कैंसल कराने की भी जरूरत नहीं होगी. उसे आपको सिर्फ उस व्यक्ति के नाम में ट्रांसफर कराने के लिए आवदेन करना होगा, जो आपकी जगह यात्रा करेगा.क्या है तरीका
इसके लिए आपको रेलवे स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के पास आवेदन देना होगा. आपको यह आवेदन ट्रेन खुलने से कम से कम 24 घंटे पहले देना होगा. आवेदन के साथ आपको पहचान के सबूत के तौर पर भी दस्तावेज देना होगा.किसी विवाह कार्यक्रम में जाने वाले किसी व्यक्ति के लिए समय सीमा 48 घंटे की है. इस मामले में शादी-विवाह समारोह के आयोजक को आवेदन देना होगा. टिकट जिस व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर किया जाना है, उसके पहचान पत्र के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी की फोटो कॉपी दिखाकर ट्रासंफर कराया जा सकता है. रेलवे ने इस सुविधा के साथ शर्त यह रखी है कि टिकट ट्रांसफर सिर्फ ब्लड रिलेशन वाले सदस्यों को ही किया जा सकेगा.

क्या हैं और विकल्प
अगर आप सरकारी अधिकारी हैं तो अपने आरक्षित टिकट को अन्य सरकारी अधिकारी के नाम पर ट्रांसफर कर सकते हैं. अगर आप किसी मान्यता प्राप्त शैक्षिक संस्थान के छात्र हैं तो ट्रेन के निर्धारित समय से 24 घंटे पहले संस्थान के दूसरे छात्र के नाम पर अपना टिकट ट्रांसफर करा सकते हैं.डवजभारतीय रेलवे ने इस सुविधा के लिए एक गाइडलाइन जारी की है. इससे पहले इस संबंध में साल 1990 में गाइडलाइन जारी हुआ था. इसके मुताबिक कोई व्यक्ति अपने आरक्षित टिकट को परिवार के किसी सदस्य जैसे माता, पिता, भाई, बहन आदि को ट्रांसफर कर सकता है. इस गाइडलाइन में साल 1997 और साल 2002 में संशोधन किया गया है।

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